बीमारी से बचने के लिए तीन लोगों से पैदा होगा एक बच्चा

पुनः संशोधित शनिवार, 18 मार्च 2017 (11:01 IST)
ब्रिटेन में डॉक्टरों को दो महिलाओं और एक पुरुष की मदद से बच्चा पैदा करने की तकनीक का पहला लाइसेंस मिल गया है। ये जानकारी वहां के नियामक ने दी है। इन विट्रो फ़र्टिलाइज़ेशन यानी आईवीएफ़ तकनीक के इस आधुनिक रूप का इस्तेमाल बच्चों को जेनेटिक बीमारियों से बचाने के लिए किया जाएगा।
इस तकनीक की मदद से माईट्रोकॉन्ड्रिया से जुड़ी बीमारियों से लड़ा जा सकेगा। माइट्रोकॉन्ड्रिया शरीर के सेल में होने वाला छोटा ढाँचा है जो खाने को ऊर्जा में बदलता है।
 
बच्चों की मौत का कारण : माइट्रोकॉन्ड्रिया से जुड़ी बीमारियों की वजह से मरीज़ में इतनी उर्जा ही नहीं रहती कि उसका दिल धड़कता रह सके। हर साल इस कारण कई बच्चों की मौत हो जाती है। ये बीमारी मां से ही बच्चों में जाती है। अब नई तकनीक के ज़रिए बच्चा पैदा करने के लिए पिता के शुक्राणु, माँ के अंडाणु और दानदाता के अंडाणु का इस्तेमाल होगा। इस प्रक्रिया का मकसद दानदाता से स्वस्थ माइट्रोकॉन्ड्रिया लेना है।
 
नैतिक है प्रक्रिया : चूंकि माइट्रोकॉन्ड्रिया का भी अपना डीएनए होता है। इसलिए नई तकनीक से जो बच्चा पैदा होगा उसमें दानदाता का भी थोड़ा डीएनए आएगा। लेकिन ये प्रक्रिया क़ानूनी होगी। कहा जा रहा है कि इसमें कोई नैतिक समस्या नहीं है। लेकिन ब्रिटेन में इसके लिए हर क्लिनिक और मरीज़ के लिए नियामक की अनुमति लेनी होगी।
 
लेनी होगी अनुमति : तीन व्यक्तियों से बच्चा पैदा करने की अनुमति उन्हीं हालात में दी जाएगी जहाँ बच्चों में माइट्रोकॉन्ड्रिया से जुड़ी बीमारी होने के आसार बहुत ज़्यादा हैं। हालांकि ब्रिटेन पहला देश नहीं होगा जहां ऐसा होने जा रहा है।
 
न्यूयॉर्क के डॉक्टरों और जॉर्डन के एक दंपति ने मेक्सिको में ये तकनीक अपनाई थी। बताया जा रहा है कि बच्चा स्वस्थ है। बिटेन में न्यूकास्ल फ़र्टिलिटी सेंटर की टीम ने कहा है कि 2018 में इस तकनीक से बच्चा पैदा होने की उम्मीद है।
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

भारत में इंसानी मल को ढोते हजारों लोग

भारत में इंसानी मल को ढोते हजारों लोग
भारत में 21वीं सदी में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो इंसानी मल को उठाने और सिर पर ढोने को मजबूर ...

क्या होगा जब कंप्यूटर का दिमाग पागल हो जाए

क्या होगा जब कंप्यूटर का दिमाग पागल हो जाए
क्या होगा अगर कंप्यूटर और मशीनों को चलाने वाले दिमाग यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पागल हो ...

चंद हज़ार रुपयों से अरबपति बनने वाली केंड्रा की कहानी

चंद हज़ार रुपयों से अरबपति बनने वाली केंड्रा की कहानी
गर्भ के आख़िरी दिनों में केंड्रा स्कॉट को आराम के लिए कहा गया था। उसी वक़्त उन्हें इस ...

सिंगापुर डायरी: ट्रंप-किम की मुलाकात की जगह बसता है 'मिनी ...

सिंगापुर डायरी: ट्रंप-किम की मुलाकात की जगह बसता है 'मिनी इंडिया'
सिंगापुर का "लिटिल इंडिया" दो किलोमीटर के इलाक़े में बसा एक मिनी भारत है। ये विदेश में ...

जर्मन बच्चे कितने पढ़ाकू, कितने बिंदास

जर्मन बच्चे कितने पढ़ाकू, कितने बिंदास
जर्मनी में एक साल के भीतर कितने बच्चे होते हैं, या बच्चों को कितनी पॉकेट मनी मिलती है, या ...

एम्स के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए परिणाम घोषित

एम्स के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए परिणाम घोषित
नई दिल्ली। एम्स में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 26 और 27 मई को आयोजित की गई ...

सरकार भगोड़ा आर्थिक अपराधियों से निपटने वाले कानूनों को ...

सरकार भगोड़ा आर्थिक अपराधियों से निपटने वाले कानूनों को मजबूत बना रही है : रविशंकर प्रसाद
नई दिल्ली। केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार नीरव मोदी, मेहुल ...

मोदी बनाम बाकी भारत के बीच होगा अगला लोकसभा चुनाव : गौरव ...

मोदी बनाम बाकी भारत के बीच होगा अगला लोकसभा चुनाव : गौरव गोगोई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नए कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने सोमवार को दावा किया कि 2019 ...