कहीं आपके कान में भी कोई छेद तो नहीं

पुनः संशोधित शनिवार, 16 जून 2018 (15:36 IST)
क्या आपने कभी गौर से अपना कान देखा है। हो सकता है कि इसमें छेद हो। यह छेद इतना छोटा होता है कि संभव है कि आपका ध्यान कभी इस पर नहीं गया हो। अगर आपको विश्वास नहीं है तो किसी और से अपने कान दिखाएं। आप पाएंगे कि शायद आपके कान के ऊपरी हिस्से में एक छोटा सा छेद नुमा निशान हो।

इसे प्रीऑरीकुलर साइनस कहते हैं। अधिकतर लोगों में यह छेद धीरे-धीरे गायब हो जाता है। हालांकि कुछ नस्लों में यह दस फ़ीसदी लोगों के कानों में रह जाता है। यह छेद जन्मजात होता है, जो कान के बाहरी हिस्से में दिखाई देता है।


क्यों होता है यह छेद
कुछ अध्ययन के मुताबिक ये बाएं कान के मुकाबले दाएं कान में अधिक पाए जाते हैं। दरअसल मां के पेट में जब भ्रूण का विकास सही तरीके से नहीं होता है तो यह छेद रह जाता है।

जीव वैज्ञानिक नील शुबिन ने बिजनेस इनसाइडर को बताया, "वास्तव में ये छेद मछली के गलफड़े का अवशेष हो सकते हैं।" अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक यह भी संभव है कि यह छेद त्वचा और मांस के ठीक से ना जुड़ने के कारण हो।


यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में जेनेटिक्स एंड एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर विंसेट जे लिंच कहते हैं, "ये भी हो सकता है कि कान के उस हिस्से की संरचना मानव विकास के साथ बदली हो।"

"अधिकतर मामलों यह प्रक्रिया सामान्य होती है लेकिन कभी कभार भ्रूण में इसका सही विकास नहीं हो पाता है।" दक्षिण कोरिया के यूनिवर्सिटी ऑफ योनसेई में हुए एक अध्ययन के मुताबिक अमेरिका के 9 फ़ीसदी लोगों के कानों में यह छेद होते हैं।


वहीं एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में ये दस फ़ीसदी लोगों के कानों में होता है। अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि यह छेद पश्चिमी देशों के मुकाबले एशियाई लोगों में ज़्यादा होते हैं।

क्या है ख़तरनाक है
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक इस छेद से लोगों को कोई ख़तरा नहीं है, जब तक कि यह संक्रमित न हो। उस स्थिति में इसका इलाज किया जाना ज़रूरी है और इसे सर्जरी से निकाला भी जा सकता है। अगर आपके कान में भी यह छेद है तो परेशान न हों, लेकिन अगर आपको किसी तरह का शक है तो डॉक्टर से परामर्श लें।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

चूहों के कारण खतरे में पड़े कोरल रीफ

चूहों के कारण खतरे में पड़े कोरल रीफ
दिखने में खूबसूरत और समुद्री इकोसिस्टम में संतुलन बनाए रखनी वाले कोरल रीफ यानी मूंगा ...

बेटियों को नहीं पढ़ाने की कीमत 30,000 अरब डॉलर

बेटियों को नहीं पढ़ाने की कीमत 30,000 अरब डॉलर
दुनिया के कई सारे हिस्सों में बेटियों को स्कूल नहीं भेजा जाता। वर्ल्ड बैंक का कहना है कि ...

बेहतर कल के लिए आज परिवार नियोजन

बेहतर कल के लिए आज परिवार नियोजन
अनियंत्रित गति से बढ़ रही जनसंख्या देश के विकास को बाधित करने के साथ ही हमारे आम जनजीवन को ...

मछली या सी-फ़ूड खाने से पहले ज़रा रुकिए

मछली या सी-फ़ूड खाने से पहले ज़रा रुकिए
अगली बार जब आप किसी रेस्टोरेंट में जाएं और वहां मछली या कोई और सी-फ़ूड ऑर्डर करें तो इस ...

आरएसएस से विपक्षियों का खौफ कितना वाजिब?

आरएसएस से विपक्षियों का खौफ कितना वाजिब?
साल 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से ही विपक्षी दलों समेत कई आलोचक राष्ट्रीय ...

अमेरिका चाहता है तुर्की रूस से नहीं बल्कि उससे मिसाइलें ...

अमेरिका चाहता है तुर्की रूस से नहीं बल्कि उससे मिसाइलें खरीदे
वॉशिंगटन। अमेरिका अपने नाटो साझेदार तुर्की को प्रतिद्वंद्वी रूस से रक्षा उपकरण खरीदने के ...

सुप्रीम कोर्ट सख्त, गोरक्षा के नाम पर भीड़ को हिंसा की ...

सुप्रीम कोर्ट सख्त, गोरक्षा के नाम पर भीड़ को हिंसा की इजाजत नहीं दे सकती है सरकार
नई दिल्ली। गोरक्षा के नाम पर होने वाली भीड़ की हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार ...

मशहूर अभिनेत्री रीता भादुड़ी का निधन, निमकी मुखिया में निभा ...

मशहूर अभिनेत्री रीता भादुड़ी का निधन, निमकी मुखिया में निभा रही थीं दादी का किरदार
मुंबई। जानी मानी अदाकारा रीता भादुड़ी का निधन हो गया है। उनकी उम्र 62 वर्ष थी। 'हीरो नंबर ...