तुलसी गंगा-यमुना के समान पवित्र है, पढ़ें 6 विशेष बातें...

Tulsi

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी का पौधा हर घर में होना अनिवार्य बताया गया है। प्रतिदिन तुलसी की पूजा करना और पौधे में जल अर्पित करना हमारी प्राचीन कालीन परंपरा है।

जिस घर में नित्य तुलसी की पूजा होती है, वहां सुख-समृद्धि बनी रहती है, धन की कोई कमी नहीं होती। इसके पीछे धार्मिक कारण है, तुलसी में हमारे सभी पापों का नाश करने की शक्ति होती है, इसकी पूजा से आत्म शांति प्राप्त होती है।

तुलसी को लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है। विधि-विधान से इसकी पूजा करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और इनकी कृपा स्वरूप हमारे घर पर कभी धन की कमी नहीं होती। तुलसी का पौधा गंगा-यमुना के समान पवित्र होता है। आइए जानें 6 विशेष बातें...
* तुलसी एक साधारण-सा पौधा अवश्य है, परन्तु भारतीयों के लिए यह गंगा-यमुना के समान पवित्र होता है।

* स्नान के बाद प्रतिदिन तुलसी के पौधे को पानी देना स्वास्थ्य के लिए अति उत्तम है।

* पूजा सामग्री में तुलसी दल (पत्ती) जरूरी समझा जाता है। कहते हैं इसके बगैर भगवान तृप्त होकर प्रसाद ग्रहण नहीं करते।

* नवमी, दशमी को व्रत एवं पूजन कर अगले दिन तुलसी का पौधा किसी ब्राह्मण को देना बड़ा ही शुभ माना गया है।
* तुलसी के कारण उसके आसपास के वातावरण की वायु शुद्ध हो जाती है।

* तुलसी का पत्ता या अर्क कई बीमारियों को दूर करता है।

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