अशुभ समय भी हो जाएगा शुभ.. ना डरें अग्नि पंचक से

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* : रखें इन खास बातों का ध्यान, करें ये उपाय... 
 
मंगलवार, से पंचक लग गया है। को शुरू हुए पंचक को अग्नि पंचक कहते हैं। इस अग्नि पंचक के दौरान आग लगने का भय अधिक रहता है, इस वजह से इस पंचक को शुभ नहीं कहा जा सकता। 8 मई से शुरू हुआ यह पंचक 13 मई 2018, रविवार के दोपहर तक जारी रहेगा। 
 
ज्योतिष शास्त्र में पंचक को शुभ नक्षत्र नहीं माना जाता है। इसे अशुभ और हानिकारक नक्षत्रों का योग माना जाता है। अत: इन 5 दिनों में विशेष संभलकर रहने की आवश्यकता होती है, इसीलिए पंचक के दौरान कोई भी जोखिमभरा कार्य करने से बचना चाहिए। 
 
अगर कोई कार्य बहुत ही आवश्‍यक है तो निम्न उपायों को करने के बाद उक्त कार्य में अशुभ फल मिलने के चांसेस काफी कम हो जाते हैं। आइए जानें पंचक के दिनों में किए जाने वाले कुछ खास उपाय...
 
* पंचक में अगर ईंधन इकट्ठा करना जरूरी हो तो पंचमुखी दीपक (आटे से निर्मित, तेल से भरकर) शिवजी के मंदिर में जलाएं, उसके बाद ईंधन खरीदें।
 
* पंचक के दौरान अगर किसी कारणवश दक्षिण दिशा की यात्रा करना ही पड़ें तो हनुमान मंदिर में 5 फल चढ़ाकर यात्रा करें।
 
* अगर घर में शादी का शुभ समय आ गया है और समय की कमी है तब लकड़ी का सामान खरीदना जरूरी हो तो गायत्री हवन करवा कर लकड़ी का फर्नीचर, पलंग तथा अन्य वस्तुएं की खरीदारी कर सकते हैं।
 
* अगर इन दिनों घर के मकान की छत डलवाना जरूरी हो तो ऐसे समय में मजदूरों को मिठाई खिलाएं, तत्पश्चात छत डलवाने का कार्य करें। 
 
* किसी रिश्तेदारी में शव दहन का समय हो या घर में ‍अचानक किसी की मृत्यु हो गई हो तो पंचक होने के कारण शव दहन के समय 5 अलग पुतले बनाकर उन्हें अवश्य जलाएं। तत्पश्चात दाह संस्कार करें। 
 
इस तरह के उपाय करने से पंचक में मिलने वाले अशुभ फलों में कमी आती है तथा परिवारजन बुरे संकट से बच सकते हैं। 

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