नेताओं के लिए क्या लाया है यह नया वर्ष 2019


राजनीति का कारक शनि, सूर्य व गुरु मंगल को माना गया है। उच्च का राहू यदि दशम भाव में किसी जातक की पत्रिका में हो व गोचर से भी उच्च का हो तो उस जातक को राजनीति में उत्तम सफलता मिलती है।
24 मार्च से राहू उच्च का होगा वहीं गुरु वृश्चिक में 29 मार्च तक रहेगा और उसके बाद धनु में जाएगा। मंगल मीन व मेष में 22 मार्च तक रहेगा। आगामी लोकसभा के चुनाव करीब ही हैं जिनकी पत्रिका में मंगल मीन में या मेष से
दशम भाव में होगा उनको लाभदायी रहेगा।

जिस जातक के जन्म के समय गुरु वृश्चिक व धनु का होकर दशम, चतुर्थ व लग्न में होगा, उनको गुरु का गोचरीय भ्रमण लाभदायी होकर सफलताओं भरा रहेगा। शनि यदि किसी राजनीतिज्ञ की पत्रिका में लग्न में धनु का हो तो वे जातक शनि का गोचरीय भ्रमण लग्न से होकर दशम राज्यभाव पर मित्र दृष्टि डालने से लाभ की आशा कर सकते हैं।

मंगल चतुर्थ भाव में मीन का हो व उस पर किसी शत्रु ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ती हो तो उसे राजनीति में सफलता मिलती है।
इस प्रकार देखा जाए तो वे राजनीतिज्ञ अधिक सफल होंगे जिनकी पत्रिका में उपरोक्त ग्रह जन्म के समय व वर्तमान में भी अनुकूल हों। दशा-अंतरदशा भी अनुकूल चल रही हो तो उन ग्रहों से संबंधित 7 से 10 कैरेट का नग शुभ मुहूर्त में बनवाकर शुभ मुहूर्त में पहन सकते हैं निश्चित रूप से सफल होंगे। इन ग्रहों का जन्म समय पर वक्री या अस्त होना लाभदायक नहीं रहेगा।


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