गणतंत्र दिवस पर क्या कहते हैं भारत के सितारे

26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था, इस उपलक्ष्य में इसे के  रूप में मनाया जाता है। 
26 जनवरी 2017 की रात्रि 8 बजे से शनि का भारत से प्रकोप हट जाएगा। भारत के राष्ट्रपति देश को संबोधित करेंगे। इस  उद्बोधन में निश्चय ही सुधारवादी बातों का जिक्र होगा वहीं आतंकवाद पर भी विचार रखे जास कते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में भी बोला जा सकता है। सुधारवादी नीतियों की भी चर्चा हो सकती है। 
 
 
शनि धनु राशि पर आने से व्यापार-व्यवसाय की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा, राजनीति में भी बदलाव की स्थिति नजर आएगी। सरकार के लिए भी समय सुधारजनक रहेगा। 
 
गुरु, मंगल का दृष्टि संबंध देश के लिए सुखद कहा जा सकता है। महिला आरक्षण की चर्चा ठंडे बस्ते में रहेगी। नवीन नौकरियों की भरमार रहने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। शत्रु पक्ष पर भी भारत की स्थिति में सुधार होगा। 
यह वर्ष शनि प्रधान होने के कारण शनि का राशि परिवर्तन उपयोगी साबित होगा। शनि भारत के जन्म लग्न वृषभ के कारण भाग्येश व कर्मेश हैं अत: निश्चय ही सुधारवादी समय रहेगा।

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