पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा गंगटोक

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सिक्किम की राजधानी गंगटोक भारत में पूर्व के मुख्य हिल स्टेशनों में से एक है। विश्व के प्रसिद्ध पर्वतों में कंचनजंगा का स्थान प्रमुख है। नदी रानीकोला यहाँ के लोगों में बहुत ही प्रसिद्ध है।

मुख्य आकर्षण का केंद्र है-

डीयर पार्क - इस स्थान से गंगटोक की पर्वत श्रृंखला देख सकते है। इन खूबसूरत वादियों ने चारों ओर से इस शहर को हाथों में सुरक्षित कर रखा है

ऐंचेई पौराणिक मठ - पहाड़ों के ऊपर स्थित यह मठ प्राचीन समय से चूली आ रहे हैं। मठ से कंचनजंगा का नज़ारा देख सकते हैं।

सरकारी कुटीर उद्योग - इस उद्योग में कपड़े बुनने, लकड़ी पर अंकित चित्र,. एवं सुंदर चित्रकला बनाई जाती है। इन पर सिक्किम की रूपरेखा झलकती है। यहाँ पर पाई जाने वाली प्रसिद्ध हाथ से बुनी हुई कालीन, शाल, चादर मिलते हैं।

  आर्चिड अभयारण - रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ टिब्बतोलोजी, अभयारण में आर्चिड 250 रूप के मिलते है। यदि पर्यटक अप्रैल से लेकर मई तक एवं दिसंबर से लेकर जनवरी तक इस स्थल का भ्रमण करे तो वे यहाँ पर खिले फूल भी देख सकते हैं।      
आर्चिड अभयारण - रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ टिब्बतोलोजी, अभयारण में आर्चिड 250 रूप के मिलते है। यदि पर्यटक अप्रैल से लेकर मई तक एवं दिसंबर से लेकर जनवरी तक इस स्थल का भ्रमण करे तो वे यहाँ पर खिले फूल भी देख सकते हैं।

रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ टिब्बतोलोज
इस अंनुसंधान संस्था में विभिन्न प्रकार की किताबें मिलती हैं। विज्ञान, चिकित्सा, ज्योतिष आदि इस पौराणिक भवन में रखे गए हैं। यह भवन हस्तशिल्पकला के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है

ताशी - पर्यटकों के लिए यह एक बहुत ही सुंदर स्थल है। इस स्थान से पर्यटक कंचनजंगा को देख सकते हैं।

कैसे पहुँचें इस स्थान पर-

बागडोरा हवाईअड्डा - गंगटोक में कोई हवाई अड्डा नहीं है। यहाँ से सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है बागडोरा। गंगटोक से बगडोरा यातायात करना आसान है। बगडोरा से गंगटोक सिक्किम हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुँच सकते हैं। दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटीसे बगडोरा सरलता से पहुँच सकते हैं।

रास्ता - बगडोरा के मार्ग गंगंटोक तक आसानी से पहुँच सकते हैं। न्यू जलपाईगुड़ी, तथा सिलीगुड़ी राजमार्ग के द्वारा पहुँच सकते हैं।

रेल - गंगटोक में कोई रेल यातायात की सुविधा नहीं है। नजदीक रेलमार्ग है सिलीगुड़ी एवं न्यू जलपाईगुड़ी
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नेहा मित्त


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