नया वायरस कर सकता है मलेरिया नियंत्रण

न्यूयॉर्क (भाषा)| भाषा|
अनुसंधानकर्ताओं ने एक वायरस की खोज की है। उनका दावा है कि यह वायरस मलेरिया फैलाने वाले मच्छर एनाफिलीज गाम्बियाइ के लिए संक्रामक है।

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि यह वायरस मलेरिया नियंत्रण के लिए एनाफिलीज मच्छरों में अनुवांशिक बदलाव करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

हर साल दुनियाभर में करीब 10 लाख से अधिक व्यक्ति मलेरिया के कारण मौत के शिकार हो जाते हैं। एजीडीएनवी नामक यह वायरस मच्छरों और अन्य कीटों में पाया जाता है, लेकिन यह मनुष्य जैसे रीढ़ की हड्डी वाले प्राणियों को संक्रमित नहीं करता।
यह वायरस हालाँकि मच्छरों के लिए नुकसानदायक प्रतीत नहीं होता, लेकिन 'जॉन्स होपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ' के अनुसंधानकर्ताओं को लगता है कि मच्छर के लारवे पर इसका सर्वाधिक संक्रमण हो सकता है और यह आसानी से मनुष्य के रक्त में पहुँच सकता है।

प्रमुख अनुसंधानकर्ता जेसन रासगोन के अनुसार नए वायरस की खोज तब हुई जब वैज्ञानिक यह पता लगाने के लिए प्रयोग कर रहे थे कि क्या वोल्बाचिया बैक्टीरया एनाफिलीज गाम्बियाइ मच्छरों की कोशिकाओं को संक्रमित करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है?
अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि नए वायरस को इस प्रकार परिवर्तित किया जा सकता है कि वह या तो एनाफिलीज गाम्बियाइ को खत्म कर दे या उसे मलेरिया के संक्रमण के अयोग्‍य बना दे।

जेसन रासगोन ने कहा कि हम इस वायरस का इस्तेमाल मच्छर में एक घातक टॉक्सिन बनाने के लिए कर सकते हैं या इसकी मदद से मच्छर को 10 दिन के बाद मरने का आदेश दे सकते हैं। इस अवधि के बाद ही मच्छर मलेरिया के परजीवी को मनुष्य के शरीर में पहुँचा सकता है।


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