संत में शिरोमणि संत रविदास

मन चंगा तो कठौती में गंगा

संत रविदास
WD|
PTI

'मन चंगा तो कठौती में गंगा' यह वाक्य रविदास ने कहे थे। हिंदू धर्म कहता है कि आप जात-पाँत से बड़े या छोटे नहीं होते। मन, वचन और कर्म से बड़े या छोटे होते हैं। संत शिरोमणि रविदास जात से मोची थे, लेकिन मन, कर्म और वचन से ब्राह्मण।

जो ब्रह्म को जानने में उत्सुक है वही ब्राह्मण।



और भी पढ़ें :