मूँगफली : भारतीय काजू

-सेहत डेस्क

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मूँगफली में सभी पाए जाते हैं। भारत में इसे 'गरीबों का काजू' के नाम से भी जाना जाता है।

भारत में सिकी हुई मूँगफली खाना काफी प्रचलित है, इसे 'टाइम पास' के नाम से भी जानते हैं।

जो लोग टाइम पास के नाम पर मूँगफली का सेवन करते हैं, उनमें से अधिकतर इसके गुणों के बारे में नहीं जानते और अनजाने में ही कई पौष्टिक तत्व ग्रहण कर लेते हैं, जो उनके शरीर के लिए काफी रहते हैं।

मूँगफली में प्रोटीन, चिकनाई और शर्करा पाई जाती है। एक अंडे के मूल्य के बराबर मूँगफलियों में जितनी व ऊष्मा होती है, उतनी दूध व अंडे से संयुक्त रूप में भी नहीं होती।

इसकी प्रोटीन दूध से मिलती-जुलती है, चिकनाई घी से मिलती है। मूँगफली के खाने से दूध, बादाम और घी की पूर्ति हो जाती है।

मूँगफली शरीर में गर्मी पैदा करती है, इसलिए सर्दी के मौसम में ज्यादा लाभदायक है। यह खाँसी में उपयोगी है व मेदे और फेफड़े को बल देती है।

भोजन के बाद यदि 50 या 100 ग्राम मूँगफली प्रतिदिन खाई जाए तो बनती है, भोजन पचता है, शरीर में खून की कमी पूरी होती है और मोटापा बढ़ता है।

इसे भोजन के साथ सब्जी, खीर, खिचड़ी आदि में डालकर नित्य खाना चाहिए। मूँगफली में तेल का अंश होने से यह वायु की बीमारियों को भी नष्ट करती है।

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मुट्ठीभर भुनी मूँगफलियाँ निश्चय ही पोषक तत्वों की दृष्टि से लाभकारी हैं। मूँगफली में प्रोटीन, केलोरिज और विटामिन के, इ, तथा बी. होते हैं, ये अच्छा पोषण प्रदान करते हैं।


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