तेनालीराम की कहानियां : मनहूस रामैया

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रामैया नाम के आदमी के विषय में नगरभर में यह प्रसिद्ध था कि जो कोई प्रातः उसकी सूरत देख लेता था, उसे दिनभर खाने को नहीं मिलता था इसलिए सुबह-सुबह कोई उसके सामने आना पसंद नहीं करता था।

किसी तरह यह बात राजा कृष्णदेव राय तक पहुंच गई। उन्होंने सोचा, ‘इस बात की परीक्षा करनी चाहिए।’ उन्होंने रामैया को बुलवाकर रात को अपने साथ के कक्ष में सुला दिया और दूसरे दिन प्रातः उठने पर सबसे पहले उसकी सूरत देखी।

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