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चैत्यवंदन- (पूर्वविधि)

आइए, अब परमात्मा के समक्ष चैत्यवंदन करके परमात्मा की स्तवना-भक्ति करें। सबसे पहले खड़े होकर हाथ जोड़कर मस्तक पर अंजलि रचाते हुए, कमर से थोड़े झुककर बोलें-

इच्छामि खमासमणो वंदिऊं, जावणिज्जाए निसीहीआए।

यहाँ पर नीचे झुकते हुए 'पंचांग प्रणिपात' प्रणाम कर के दो हाथों की अंजलि, मस्तक व दोनों घुटने जमीन पर टिकाते हुए बोलें-

मत्थएण वंदामि। इच्छाकारेण संदिसह भगवन्‌।
इरियावहियं पडिक्कमामि? इच्छं, इच्छामि पडिक्कमिउं ॥1॥
इरियावहियाए - विराहणाए ॥2॥
गमणागमणे ॥3॥
पाणक्कमणे, बीयक्कमणे, हरियक्मणे, ओसाउत्तिंग पणग-दग-मट्टी-मक्कडा-संताणा-संकमणे ॥4॥
जे मे जीवा विराहिया ॥5॥
एगिंदिया, बेइंदिया, तेइंदिया, चउरिंदिया, पंचिदिया ॥6॥
अभिहया वत्तिया, लेसिया, संघाइया, संघट्टिया, परियाविया।
किलामिया, उद्दवियां ठाणाओ ठाण सकामिया।
जीवियाओ ववरोविया, तस्स मिच्छामि दुक्कडं ॥7॥

तस्स उत्तरी करणेणं, पायच्छित्त करणेणं, विसोही करणेणं, विसल्ली
करणेणं, पावाणं कम्माणं निग्घायणट्ठाए ठामि काउस्सग्गं।
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