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पिता पर कविता : याद है वो दिन पापा


 
मुझे आज भी याद है वो दिन, 
जब आपकी गोद में बैठकर 
रंगबिरंगी फ्रॉक पहनकर 
मैं जाती थी,
घूमने बाजार ....
 
करते थे आप मेरी 
हर फरमाइश पूरी 
और देते थे 
ढेर सारा प्यार 
 
मां जब भी मुझ पर चिल्लाती 
करती मैं उनकी शिकायत 
दफतर से कब आओगे 
रहता मुझे इंतजार 
 
रानी बिटिया 
प्यारी बिटिया 
राजकुमारी थी मैं
आपकी दुनिया की थी रौनक
एक शहजादी थी मैं

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