सहजन की चटनी-अचार से बीमारी होती है दूर

लखनऊ (भाषा)| सुरेश बाफना| Last Updated: सोमवार, 20 अक्टूबर 2014 (17:34 IST)
चमत्कारी वृक्ष सहजन की चटनी और अचार कई बीमारियों से निजात दिला सकती है। उत्तरप्रदेश के रीजनल फूड रिसर्च एनालसिस सेंटर लखनऊ द्वारा सहजन की फली एवं पत्तियों पर किए गए नए शोध से पता चला है कि प्राकृतिक गुणों से भरपूर सहजन इतने औषधीय गुणों से भरपूर है कि उसकी फली के अचार और चटनी कई बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं।

केन्द्र के निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि सहजन पर शोध में नई जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया कि सहजन की पत्ती में विटामिन-सी, आयरन, फाइबर, कैल्शियम, फास्फोरस एवं खनिज तत्व मौजूद हैं। यह अचार चटनी, चूर्ण के माध्यम से स्वास्थ्य का खजाना है।

उन्होंने बताया कि उनके केन्द्र की प्रयोगशाला में सहजन की फली का अचार बनाया गया। इस अचार में कोई हानिकारक तत्व मौजूद नहीं है। केन्द्र द्वारा निर्मित अचार में भारी मात्रा मे फाइबर, विटामिन-सी और कैल्शियम मौजूद है।
सिंह ने बताया कि सहजन की पत्ती को सुखाकर उसकी चटनी बनाने से उसमें आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाएँ और बुजुर्ग भी इस चटनी, अचार का प्रयोग कर सकते हैं और कई बीमारियों जैसे रक्त अल्पता तथा आँख की बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं।

निदेशक ने बताया कि छोटे उद्यमी पूँजी लगाकर इसका लाभ उठा सकते हैं। केन्द्र पर कोई भी उद्यमी आकर इस तकनीक की जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में पाए जाने वाले सहजन का वानस्पतिक नाम मोरिंगा ओलीफेराद्व, आयुर्वेदिक नाम मोक्षकाद्व, संस्कृत में सोभांजना, अंग्रेजी में ड्रमस्टिक ट्री है।


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