ओशो की प्रमुख 10 किताबें, जानिए कौन-सी

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ओशो रजनीश ने किसी विषय पर लेक्चर नहीं दिए, यह एक शोध का विषय हो सकता है। ओशो के विचारों के कारण दुनियाभर के साहित्य, फिल्म और सामाजिक विचारों में परिवर्तन स्वत: ही देखने को मिलता है, वहीं की परिभाषा अब बदल गई है।

ओशो के विचारों के कारण दुनियाभर में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। आखिर ऐसा क्या है ओशो के विचारों में कि धर्म और के लोग उन्हें पचा नहीं पा रहे हैं। इसी के चलते अमेरिका की रोनाल्ड रीगन सरकार ने उनको जहर देकर मार दिया।

कुछ उनके विचारों को विरोधाभासी विचार मानकर खारिज करते हैं तो कुछ का कहना है कि वे घुमा-फिराकर बुद्ध की ही बातें करते हैं। बहुत से लोग उन्हें पाश्चात्य और पूर्वी संस्कृति और धर्म का मिलन बिंदु मानते हैं। ओशो का हिन्दी साहित्य जितना समृद्ध है उससे कहीं ज्यादा उनके द्वारा अंग्रेजी में दिए गए प्रवचनों ने दुनियाभर में तहलका मचा रखा है। यहां प्रस्तुत है ओशो की हिन्दी की ऐसी 10 किताबें, जो दुनियाभर में बहुत तादाद में पढ़ी जाती हैं।

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