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एनआरआई योगगुरु बिक्रम चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

लॉस एंजिल्स|

 
 
लॉस एंजिल्स। बिक्रम चौधरी के खिलाफ के एक न्यायाधीश ने बुधवार को गिरफ्तारी का वारंट जारी किया। न्यायाधीश ने पहले से ही कानूनी लड़ाइयों में उलझे चौधरी से कहा है कि वे अपनी समूची आमदनी को अपनी पूर्व कानूनी सलाहकार को दें, जिनकी क्षतिपूर्ति को लेकर कोर्ट ने 68 लाख डॉलर की भरपाई करने का आदेश दिया था।
 
विदित हो कि लॉस एंजिल्स काउंटी सुपीरियर कोर्ट के ने यह गिरफ्तारी का आदेश किया और कहा कि बिक्रम से 80  लाख डॉलर की राशि भरवाने के बाद ही जमानत दी जाए। पर आश्चर्य  की बात है कि चौधरी का बचाव करने के लिए कोई वकील नहीं पहुंचा। उन्होंने पिछले वर्ष एक अन्य मुकदमे के सिलसिले में कहा था कि वे पूरी तरह दिवालिया हो गए हैं और पैसा चुकाने की हालत में नहीं हैं।
 
कोर्ट ने यह आदेश उनकी पूर्व कानूनी सलाहकार मीनाक्षी 'मिकी' जाफा-बॉडन के पक्ष में दिया था जिनका कहना था कि चौधरी ने उसे तब नौकरी से निकाल दिया था जब उन्होंने बलात्कार के आरोप पर पर्दा डालने की कोशिश में मदद न करने पर हटा दिया था। इससे पहले मीनाक्षी की वकील कार्ला मिनार्ड का कहना है कि उन्होंने चौधरी के लक्जरी वाहनों और अन्य सम्पतियों के बारे पता लगाया तो पता चला  कि चौधरी राज्य से बाहर चले गए हैं।
 
चौधरी ने नेवादा और फ्लोरिडा के न्यायालयों से यह आदेश हासिल कर  लिया है कि उनकी सम्पति को गोदामों से बाहर ने ले जाया जाए।  विदित हो कि जफा- बॉडेन ने चौधरी के विभिन्न संस्थानों की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों की प्रमुख के तौर पर करीब तीन वर्ष तक काम किया था, लेकिन उन्हें एकाएक नौकरी से हटा दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चौधरी ने उन्हें यौन प्रताड़ना दी और उन्हें बुरी नीयत से छूने का काम किया। इतना ही नहीं, उन्होंने होटल  के एक सुइट में उन्हें रोकने का प्रयास भी किया था। 
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