सेवा के लिए शंकर महादेवन ने किया 'कृष्णा सबरंग' का आयोजन


सान जोस, कैलिफोर्निया|
 
 
सान जोस, कैलिफोर्निया। 'सेवा' की मदद के लिए शंकर महादेवन ने अन्य कलाकारों के साथ सान फ्रांसिस्को बे ‍एरिया के प्रशंसकों को मंत्रमु्ग्ध कर दिया। उनके दर्शकों, श्रोताओं में भारतीय अमेरिकन समुदाय के लोग शामिल थे। इस 'कृष्णा सबरंग' का उद्देश्य गैर-लाभकारी संस्था की मदद के लिए सेवा द्वारा आयोजित किया गया था। यह संगीत आयोजन 20 मई को में रखा गया था। आयोजन स्‍थल सान जोस सिविक सेंटर, कैलिफोर्निया था।   
 
इस अवसर पर शंकर महादेवन अकादमी के छात्रों दर्शना शुक्ला और जयश्री वरदराजन ने ऐसे आयोजनों के लिए सेवा के उद्देश्य का गीत भी पेश किया। संगीत के शलाका पुरुष शंकर महादेवन ने अपने शास्त्रीय और आधुनिक रचनाओं को पेश किया। यह अनूठा आयोजन जीवन में कभी कभार ही होने वाले सांगीतिक आयोजन का नमूना था जिसने उनके प्रशंसकों को रोमांचित कर दिया।  
 
दर्शकों, प्रशंसकों का शंकर के लिए आदर और सम्मान तब सजीव हो गया जबकि अपनी मधुरता और भावपूर्ण आवाज के धनी महादेवन ने कृष्णा के स्वरूपों को विविध भाषी रचनाओं में पेश किया। उनके इस प्रयोग में कर्नाटक, हिंदी, मराठी संगीत के साथ-साथ पॉप, जॉज और रॉक संगीत को भी महत्व दिया गया। इस अवसर पर उनके बेटे भी साथ थे। सिद्धार्थ और शिवम महादेवन ने अपने पिता के गायन में अपना योगदान किया। उनके संगीत का भारतीय अमेरिकियों प्रशंसकों, संरक्षकों और कार्यकर्ताओं ने अपना साथ दिया। इतना ही नहीं, इस संगीत समारोह को सुनने के लिए ख्यात भी मौजूद थे।      
संगीत समारोह भगवान गणेश की वंदना से शुरू हुई जिसे संगीत गुरू जयश्री वरदराजन के छात्रों ने गाई। इसके बाद एक संक्षिप्त स्वागत भाषण विजय कपूर ने दिया। कपूर स्वामी दयानंद सरस्वती के शिष्य और वेदांत के अध्यापक हैं। उन्होंने ही सेवा मिशन के कार्यक्रम एआईएम (एम) की नींव डाली थी और वे अपने मिशन के तहत गैर-लाभकारी योजना के 16 वर्ष पूरे कर चुके हैं। संस्था के प्रमुख कपूर ने बताया कि हम भारत में तीस-चालीस बच्चों को सात आठ वर्ष शिक्षा देकर उन्हें उपयोगी नागरिक बनाते हैं और साथ ही शिक्षित भी करते हैं।   
 
एक गैर-लाभकारी संस्था की समन्वयत श्रीनी रामन ने डेट्रोयट, मिशिगन को अपने हाथ में लिया और उनका कहना है कि वे भारत में अब तक 16 राज्यों में 14 हजार छात्रों को शिक्षित कर चुकी हैं। इस महीने सेवा ने ऐसे ही संगीत कार्यक्रमों को सारे देश में कराने का फैसला किया है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जा सके। इससे पहले महादेवन ने रैले, नॉर्थ कैरोलाइना, नेवार्क, न्यू जर्सी, डीयरबॉर्न, मिशिगन, नैपरविले, इलिनॉयस और वाशिंगटन के एवरेट में श्रोताओं का मनोरंजन किया।  (इंडियावेस्ट डॉट कॉम से साभार) 

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