चीन में पिछले तीन दशकों के सबसे विध्वंसक सांप्रदायिक दंगों में भारतीय सीमा से लगे देश के अशांत पश्चिमोत्तर क्षेत्र में 156 लोगों की मौत हो गई तथा 828 लोग घायल हो गए।
पश्चिमोत्तर चीन में मुस्लिम उघयूर समुदाय का चीन के हान समुदाय के साथ संघर्ष हुआ और इसके चलते पुलिस को कड़ी कार्रवाई करना पड़ी।
प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता ने रविवार रात की हिंसा के बारे में कहा संघर्षस्थलों पर 57 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है। अन्य लोगों की घायल अवस्था में ले जाए जाने के बाद अस्पताल में मौत हो गई।
हिंसा कल रात तेल संपन्न शिनजियांग उगयूर स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी उरुक्मी में हुई। प्रवक्ता ने कहा मृतक संख्या अभी बढ़ रही है।
उरुक्मी पुलिस के उपनिदेशक हुआंग याबो ने कहा यह संघर्ष क्षेत्र की तरह था, जहाँ हान समुदाय के अनेक लोगों के शव सड़क पर पड़े थे।
दंगाइयों ने 190 बसें, 10 टैक्सियों और दो पुलिस वाहनों सहित 261 वाहनों को जला दिया। दंगों में 200 से अधिक घर और दुकानें भी तबाह हो गए।
प्रदर्शनकारी पिछले महीने दक्षिणी चीन के एक खिलौना कारखाने में उयघूर और हान समुदाय के मजदूरों के बीच हुए संघर्ष से निपटने के सरकार के तरीके का विरोध कर रहे थे, जिसके बाद दंगे भड़क गए। पिछले महीने के इस संघर्ष में दो उयघूर मजदूरों की मौत हो गई थी। शुरुआत में हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों के अनियंत्रित हो जाने से हिंसा भड़की थी। उन्होंने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और पुलिस के साथ झड़प की। उयघूर के निर्वासित समूहों का आरोप है कि पुलिस के हिंसक तरीके से कड़ाई बरतने के बाद ही हिंसा शुरू हुई।
दंगों ने इलाके को पिछले साल भी दहला दिया था। बीजिंग ओलिम्पिक के दौरान गत वर्ष चार अगस्त को उयघूर उग्रवादियों के हमले में 17 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।
पुलिस ने कल रात विरोध प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई कर सैंकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया। शिनजियांग पुलिस प्रमुख लिउ याओहू ने कहा इनमें कल अशांति फैलाने वाले 10 मुख्य लोग शामिल भी थे।
संवाद समिति ‘शिन्हुआ’ के मुताबिक पुलिस शहर में करीब 90 अन्य प्रमुख व्यक्तियों की तलाश कर रही है। लिउ ने कहा पुलिस ने दंगों को रोकने के लिए उरुक्मी की सड़कों और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है।
चीन के सरकारी टीवी ने दंगों की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें हिंसक प्रदर्शनकारियों को हाथों में चाकू, डंडे, ईंटें और पत्थर लिए दिखाया गया। वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचा रहे थे और वाहन क्षतिग्रस्त कर रहे थे।
दंगों ने इलाके को पिछले साल अगस्त में भी दहला दिया था। पिछली चार अगस्त को काशगर में पुलिस के 17 जवानों की मौत हो गई थी, जिसे चीन ने ‘आतंकी’ हमला कहा था।
शिनजियांग में मुस्लिम समुदाय की संख्या लगभग 80 लाख है, जो सरकार पर अपने अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हैं। |