किसको हम आवाज़ दिया करते हैं
जब नहीं तुम ही, तो फिर रात के सन्नाटे में,
कौन किसको हम आवाज़ दिया करते हैं - मजरूह सुल्तानपुरी
कौन किसको हम आवाज़ दिया करते हैं - मजरूह सुल्तानपुरी
