तुम्हारी याद के जब ज़ख्म भरने लगते हैं
तुम्हारी याद के जब ज़ख्म भरने लगते हैं
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।

