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जीवन खुद प्रेरणा के लिए बड़ा स्रोत है
एक साक्षात्कार में वे कहते हैं- मेरे लिखने की शुरुआत ड्राइंग से हुई बल्कि कार्टून से। घर में कुछ भी लिखने या पढ़ने से पहले मैं कॉमिक्स बनाया करता था। मजेदार बात तो यह है कि और जिसे मैं आज तक महसूस करता हूँ कि हाईस्कूल में एक लेखक के रूप में मेरी ख्याति थी जबकि तब सचमुच मैंने कुछ भी नहीं लिखा था।

यदि कोई पंपलेट, लेटर या पिटीशन लिखना होती तो यह काम मुझे दिया जाता क्योंकि ऐसा माना जाता था कि यह काम मैं कर सकता हूँ क्योंकि मैं लेखक हूँ। जब मैंने कॉलेज में दाखिला लिया तो सामान्यतः मै एक अच्छी साहित्यिक पृष्ठभूमि का माना जाता था और अपने दोस्तों के मुकाबले मुझे औसत से कुछ ज्यादा समझा जाता था। बागोटा यूनिवर्सिटी में मैंने नए दोस्त बनाए जिन्होंने मुझे समकालीन रचनाकारों से मिलवाया। उन्हीं दिनों मेरे एक दोस्त ने एक रात मुझे फ्रांस काफ्का की कहानियों की किताब दी।

मैंने कहानी मेटामार्फासिस पढ़ना शुरू की। उसकी पहली ही पंक्ति ने मुझे लगभग झिंझोड़ दिया। मैं चमत्कृत था। वह पहली पंक्ति थी- एक दुःस्वप्न देखने के बाद जब ग्रेगोर सम्सा अपने बिस्तर से उठा तो उसने देखा वह एक भीमकाय कंसारे (कॉकरोच) में बदल गया है... और जब मैंने यह पंक्ति पढ़ी तो मैं सोचने लगा कि मैं नहीं जानता कि इस तरह लिखने की इजाजत किसी और को भी थी।

मैं काफी समय से लिख रहा था और तब मैंने तुरंत कहानियाँ लिखना शुरू किया। वे पूरी तरह इंटेलेक्चुअल कहानियाँ थीं क्योंकि मैंने उन्हें अपने साहित्यिक अनुभवों के आधार पर लिखा था और तब तक मैं साहित्य और जीवन के बीच कोई संगति नहीं देख पा रहा था। मेरी वे कहानियाँ बागोटा के एक अखबार अल स्पेक्तोदोर के साहित्यिक परिशिष्टों में छपती थीं।

एक हद तक उन्हें पसंद किया गया था, संभवतः इसलिए क्योंकि तब कोलंबिया में कोई भी इंटेलेक्चुअल कहानियाँ नहीं लिख रहा था। इन कहानियों में अधिकांशतः कंट्रीसाइड और सामाजिक जीवन के बारे में लिखा गया था। उन कहानियों के बारे में कहा गया था कि इन पर जॉयस का असर है।

तब तक मैंने जेम्स जॉयस को नहीं पढ़ा था। इसलिए यूलिसिस पढ़ना शुरू किया। तब मैंने उसका उपलब्ध स्पेनिश संस्करण पढ़ा था। अँग्रेजी और फ्रेंच में यूलिसिस का बहुत अच्छा अनुवाद पढ़ने के बाद मैंने जाना कि मूल स्पेनिश अनुवाद बहुत खराब था लेकिन मैंने उससे बहुत सीखा, विशेषकर उसके इंटीरियर मोनोलॉग की तकनीक जो भविष्य में मेरे लेखन में बहुत काम आई। बाद मैंने इसे वर्जीनिया वुल्फ में पाया, मुझे उनके इस्तेमाल का तरीका पसंद आया जो जॉयस के मुकाबले बेहतर था। हालाँकि बाद में मैंने जाना कि इस इंटीरियर मोनोलॉग को जिसने खोजा था वे थे- लाजारिलो डि टारमेस।

प्रेरणा के लिए मैं सपनों को बहुत महत्व देता हूँ लेकिन बाद में मैंने महसूस किया कि जीवन खुद प्रेरणा के लिए एक महान स्रोत है और सपना उसका बहुत ही छोटा-सा हिस्सा। लेखन के बारे में यह बात बिलकुल सच है कि मैं सपनों की विभिन्न धारणाओं और उनकी व्याख्याओं में बहुत दिलचस्पी रखता हूँ और इन्हें जीवन का हिस्सा मानता हूँ लेकिन यथार्थ उससे कहीं अधिक बड़ी चीज है। मेरे स्वप्न शायद बहुत अच्छे नहीं होते।

प्रमुख कृतियाँ :
लीफ स्टार्म, वन हंड्रेड ईअर्स ऑफ सॉलिड्यूड, नो वन राइट टु कलोनियल, स्ट्रेंज पिलग्रीम्स, क्रॉनिकल टेल ऑफ ए डेथ फोरटोल्ड, द आटम ऑफ द पैट्रिआर्च, इन इविल अवर, लव इन द टाइम्स ऑफ कॉलेरा, ऑफ लव एंड अदर डिमांस, जनरल इन हिज लेबरिंथ, नोट्स ऑफ ए किडनैपिंग, फ्रेगरेंस ऑफ गुआवा, लिविंग टु टेल द टेल, मेमॉयर्स ऑफ माय मेलनकली व्होर्स।
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