पौष्टिक भोजन का चुनाव करें
फास्ट फूड ज्यादा न लें
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किशोर अवस्था, बच्चों में शारीरिक वृद्धि की उम्र होती है, यह उम्र ऊंचाई और वजन बढ़ाने में चमत्कारिक होती है। हड्डियाँ लगातार निर्मित और पुनः निर्मित होती रहती हैं।
इस प्रक्रिया के कारण किशोर वय के लड़के और लड़कियों की पौष्टिकता और कैल्शियम संबंधी जरूरतें बहुत अधिक होती हैं। इन वर्षों में तथा वयस्कता के प्रारंभिक वर्षों में कैल्शियम का सेवन जीवनभर के लिए अस्थियों का स्वरूप निर्धारित करेगा।
पेशियों का गठन, रक्त की मात्रा, रक्त के संघटक तत्व सभी किशोर अवस्था में बढ़ते हैं और इसलिए प्रोटीन की आवश्यकता भी बढ़ जाती है।
यदि आप डाइटिंग करते हैं तो आपकी शारीरिक वृद्धि रुक जाएगी, शरीर ऊपर से तो ठीक दिखेगा, लेकिन अन्दर से खोखला हो जाएगा। हम यह कहना चाहते हैं कि जो उम्र खाने की है, उस उम्र में आप डाइटिंग न करें।
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यदि इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको डाइटिंग नहीं करनी पड़ेगी। डाइटिंग करने की उम्र 35-40 के बाद आती है, वह भी आप डॉक्टर की सलाह पर करें, अपनी मरजी से नहीं।
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वे प्रोटीन के भी अच्छे स्रोत हैं, किन्तु फास्ट फूड्स में रेशा तत्व (फाइबर कण्टेण्ट) और विटामिन 'ए' की अकसर कमी होती है। उनमें सोडियम और फेट अधिक मात्रा में होते हैं और 'शेक्स' कई सौ कैलोरियाँ दे देती हैं।
अतः आपको भोजन का चुनाव इस प्रकार करना चाहिए कि वे आपको दिनभर के लिए सन्तुलित पौष्टिकता प्रदान कर दें।
