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कैसे करें बढ़ते बच्चों की परवरिश

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WD|

बच्चों को बनाएं होशियार भी और शालीन भी...

बच्चे वह नहीं सीखते जो आप कहते हैं, वे वही सीखते हैं जो आप करते हैं

अधिकतर के लिए परवरिश का अर्थ केवल अपने बच्चों की खाने-पीने, पहनने-ओढ़ने और रजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना है। इस तरह से वे अपने दायित्व से तो मुक्त हो जाते हैं लेकिन क्या वे अपने बच्चों को अच्छी आदतें और संस्कार दे पाते हैं जिनसे वे आत्मनिर्भर और िम्मेदार बन सकें। अक्सर पेरेंट्स इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि हम अपने किस तरह से करें तो हम आपको बताते हैं कुछ तरीके जो आपकी मदद करेंगे- >
 
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> 1. उन्हें शुरू से ही अनुशासन में रहना सिखाएं
बच्चा जब बड़ा होने लगता है तब ही से उसे नियम में रहने की आदत डालें। 'अभी छोटा है बाद में सीख जाएगा' यह रवैया खराब है। उन्हें शुरू से अनुशासित बनाएं। कुछ पेरेंट्स बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर निर्देश देने लगते हैं और उनके ना समझने पर डांटने लगते हैं, कुछ माता-पिता उन्हे मारते भी हैं। यह तरीका भी गलत है। वे अभी छोटे हैं, आपका यह तरीका उन्हें िद्दी और विद्रोही बना सकता है।


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