भगवान सूर्य की सरल आरती : जय जय जय रविदेव



हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान एकमात्र ऐसे देव हैं, जो साक्षात दिखाई पड़ते हैं। अत: सूर्यदेव के प्रातःकाल में दर्शन एवं उनकी आराधना शुभ फलदायी मानी गई है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत है श्री सूर्य भगवान की आरती...


जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव।
जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥

रजनीपति मदहारी, शतदल जीवनदाता।
षटपद मन मुदकारी, हे दिनमणि दाता॥
जग के हे रविदेव, जय जय जय रविदेव।
जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥

नभमंडल के वासी, ज्योति प्रकाशक देवा।
निज जन हित सुखरासी, तेरी हम सबें सेवा॥

करते हैं रविदेव, जय जय जय रविदेव।
जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥
कनक बदन मन मोहित, रुचिर प्रभा प्यारी।
निज मंडल से मंडित, अजर अमर छविधारी॥

हे सुरवर रविदेव, जय जय जय रविदेव।
जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥



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