20 जनवरी को होती गाँधीजी की हत्या

पहले भी हुआ था बापू को मारने का प्रयास

Mahatma Gandhi
WD|
ND
सत्य- अहिंसा के सबसे बड़े प्रवर्तक महात्मा गाँधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को कर दी गई थी, लेकिन उनकी हत्या की साजिश रचने वालों ने इससे कुछ दिन पहले भी 20 जनवरी को एक प्रार्थना सभा में बापू को मारने का प्रयास किया था हालाँकि वे इसमें असफल रहे।

दिल्ली में 20 जनवरी 1948 को प्रार्थना सभा में बापू के भाषण के दौरान उनकी हत्या के प्रयास किए गए और इस दौरान विस्फोट भी किया गया। हमलावरों की मूल योजना भीड़ में हथगोला फेंकने की भी थी।

'महात्मा गाँधी के भाषणों के संकलन प्रवचन भाग दो' के अनुसार उस दिन बापू एक प्रार्थना सभा को संबोधित कर रहे थे, लेकिन माइक्रोफोन ठीक ढंग से काम नहीं करने के कारण गाँधी जी की आवाज ठीक तरह से सुनाई नहीं दे रही थी और उनकी बातों को सुशीला नय्यर ऊँची आवाज में दोहरा रही थीं। तभी विस्फोट की एक जोरदार आवाज सुनाई दी।
विस्फोट के बावजूद बापू अप्रभावित रहे और उन्होंने पास ही घबराई मनु गाँधी को ढाँढस देते हुए कहा 'आप डरे हुई क्यों हैं? कुछ सुरक्षाकर्मियों को शायद गोली चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा होगा, आप तब क्या करेंगे जब वास्तव में कोई आपको गोली मारने के लिए सामने आ जाएगा।' बाद में पाया गया कि जहाँ महात्मा गाँधी बैठे हुए थे उससे महज 75 फुट की दूरी एक विशेष प्रकार का विस्फोटक ‘गन कौटन’ फटा था, जो एक साजिश का हिस्सा था।
साजिशकर्ताओं ने 20 जनवरी 1948 को अपनी योजना के तहत प्रार्थना सभा में उपस्थित लोगों का ध्यान बाँटने के उद्देश्य से विस्फोट किया था। उनकी मूल योजना बापू के बैठने के स्थान के ठीक पीछे स्थित सर्वेंट रूम से ‘हथगोला’ फेंकने की थी लेकिन वे इसमें असफल रहे। योजना के तहत विस्फोट के बाद दिंगबर बाजे को मंच पर बैठे बापू पर हथगोला फेंकना था लेकिन उसका साहस अंतिम समय में जवाब दे गया और वह ऐसा नहीं कर पाया।
बापू को मारने की साजिश रचने वाले छह लोग नाथुराम गोडसे, नारायण आप्टे, विष्णु करकरे, गोपाल गोडसे, दिगंबर बाजे और शंकर किस्तायत बचकर टैक्सी में बैठकर कर फरार हो गए लेकिन उनके एक अन्य साथी मदनलान पहवा को पकड़ लिया गया।

20 जनवरी 1948 को इस प्रार्थना सभा में अपने संबोधन में बापू आजादी और विभाजन के बाद शरणार्थियों की स्थिति और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल के बीच मतभेदों के बारे में चर्चा कर रहे थे।
इस सभा में बापू ने कहा 'अगर आप सरदार पटेल के बम्बई के बयान को सावधानी से देखें तो यह आपको यह पता चल जायेगा कि पंडित नेहरू और सरदार पटेल में कोई मतभेद नहीं था। वे अलग अलग तरीके से बात करते हैं लेकिन उनका काम समान है।'

बहरहाल, अगर 20 जनवरी के हादसे को गंभीरता से लिया गया होता तो शायद बापू हमसे इस तरह जूदा नहीं होते।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार

बस,एक छोटा सा 'आभार' कम कर देगा जीवन के कई भार
आभार व्यक्त तो कीजिए। फिर देखिए, उसकी सुगंध कैसे आपके रिश्तों को अद्भुत स्नेह से सींचती ...

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है

अपने लिए भी वक्त निकालें, यह वक्त का तकाजा है
थोड़ा समय अपने शौक को देंगे तो आपको अपना आराम और मनोरंजन पूर्ण महसूस होगा।

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?

जरा चेक करें कहीं आपकी कोहनी भी तो कालापन लिए हुए नहीं?
भले ही आप चेहरे से कितनी ही खूबसूरत क्यों न हों, देखने वालों की नजर कुछ ही मिनटों में ...

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें

5 मिनट में चमकती स्किन चाहिए तो इसे जरूर पढ़ें
जिस तरह बालों को सॉफ्ट और शाइनी बनाने के लिए आप हेयर कंडीशनिंग करते हैं, उसी तरह से त्वचा ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम ...

पेट फूला-फूला रहता है तुंरत बदलिए लाइफ स्टाइल, पढ़ें 10 काम की बातें
लगातार बैठे रहने और कम मेहनत करने वालों का पेट बाहर आ जाता है लेकिन यह जरूरी नहीं है... ...

ब्रेस्ट फीडिंग के समय क्या आपके दूध के साथ भी निकलता है

ब्रेस्ट फीडिंग के समय क्या आपके दूध के साथ भी निकलता है खून?
सभी जानते हैं कि बच्चे के लिए मां का दूध किसी वरदान से कम नहीं होता है। इसमें वे सभी पोषक ...

पारंपरिक तरीके से मावे के टेस्टी गुलाब जामुन बनाने की सरल ...

पारंपरिक तरीके से मावे के टेस्टी गुलाब जामुन बनाने की सरल विधि यहां पढ़ें...
सबसे पहले मावे को किसनी से कद्दूकस कर लें। अब उसमें मैदा, अरारोट मिला लें।

निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस क्या है?
यह चमगादड़ों के लार से फैलता है, इसलिए लोगों को इससे बचना चाहिए। निपाह वायरस से ग्रस्त ...

पढ़िए, लड़के क्यों अब खुद से बड़ी उम्र की लड़कियों को पसंद करने ...

पढ़िए, लड़के क्यों अब खुद से बड़ी उम्र की लड़कियों को पसंद करने लगे हैं...
नए जमाने के साथ लड़कों की सोच में भी काफी बदलाव आए हैं। अब लड़के कमसिन उम्र की, कम अनुभवी व ...

निपाह वायरस को भी नष्ट करेगा गुणकारी कड़वा चिरायता

निपाह वायरस को भी नष्ट करेगा गुणकारी कड़वा चिरायता
इन दिनों निपाह वायरस की सूचना ने सबको डरा रखा है। इस वायरस को भी नष्ट या कमजोर किया जा ...