कैथोलिक कार्डिनल ने चर्च में यौन शोषण के लिए माफी मांगी

Last Updated: बुधवार, 26 सितम्बर 2018 (12:16 IST)
जर्मनी में एक रिपोर्ट के अनुसार में 1946 से 2014 के बीच 3,677 बच्चों का हुआ। जर्मन के प्रमुख कार्डिनल मार्क्स ने पीड़ितों से माफी मांगी है।

जर्मन बिशप कॉन्फ्रेंस में रिपोर्ट पेश करते हुए कार्डिनल मार्क्स ने पीड़ितों से माफी मांगते हुए कहा, "लंबे समय तक चर्च ने यौन शोषण के मामलों को झुठलाया, नजरअंदाज किया और दबाया। इस विफलता और उसकी वजह से पहुंची तकलीफ के लिए मैं माफी मांगता हूं।" रिपोर्ट में कैथोलिक चर्च के पादरियों द्वारा बच्चों और किशोरों के यौन शोषण के मामले दर्ज किए गए हैं। मार्क्स ने कहा, "मैं नष्ट हुए भरोसे के लिए, चर्च के अधिकारियों द्वारा किए गए अपराधों के लिए शर्मसार हूं।"

रिपोर्ट के अनुसार 1946 से 2014 के बीच कैथोलिक चर्च के 1,670 अधिकारियों ने 3,677 नाबालिगों का यौन शोषण किया। रिपोर्ट के लेखकों ने जर्मनी के 27 डियोसेजे में 38,156 फाइलों का विश्लेषण किया जिसमें 1,670 अधिकारियों के मामले में नाबालिगों का यौन शोषण किए जाने के आरोपों का पता चला। इस अध्ययन का आदेश जर्मन बिशप कॉन्फ्रेंस ने ही दिया था। टीम का नेतृत्व मनहाइम के मनोचिकित्सक हाराल्ड द्राइसिंग की टीम कर रही थी।

रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों में 1429 डियोसेजे के पादरी थे, 159 धार्मिक पादरी थे और 24 डियाकोन अधिकारी थे। 54 फीसदी लोगों के मामले में सिर्फ एक का यौन शोषण का आरोप था जबकि 42 प्रतिशत कई मामलों के आरोपी थे। यौन शोषण के पीड़ितों में 63 फीसदी लड़के थे और 35 फीसदी लड़कियां। पीड़ितों में तीन चौथाई का चर्च और आरोपियों के साथ धार्मिक रिश्ता था। वे या तो प्रार्थना सभाओं में सेवा देने वाले थे या धार्मिक कक्षाओं के छात्र।

कैथोलिक गिरजे में यौन शोषण के पीड़ितों के संघ एकिगे टिश ने इस अध्ययन की आलोचना करते हुए उसे सतही बताया है। संगठन के प्रवक्ता मथियास काच ने कहा है कि पीड़ितों की असली संख्या अध्ययन में बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है। काच ने इस बात की भी आलोचना की है कि अध्ययन के जरिए न तो अपराधियों के नाम बताए गए हैं और न ही इन मामलों को दबाने वाले बिशपों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा, "इस समाजशास्त्री अध्ययन को मामले की नहीं समझा जाना चाहिए।" संगठन ने मामलों की स्वतंत्र जांच कराने और कैथोलिक गिरजे से अपना आर्काइव खोलने की मांग की है।

जर्मनी की परिवार कल्याण मंत्री फ्रांसिस्का गिफाई ने भी मामले की दृढ़ता से जांच की मांग की है, उन्होंने कहा, "अध्ययन के नतीजे परेशान करने वाले हैं और साथ ही साफ है कि यह बस शुरुआत भर है।" परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि ये सोचना बर्दाश्त से बाहर है कि कैथोलिक चर्च में अब भी ऐसे लोग जिम्मेदार पदों पर हैं जिन्होंने बच्चों का यौन शोषण किया है। फ्रांसिस्का गिफाई ने बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा को सामाजिक समस्या बताया। पिछले साल जर्मनी में बच्चों के यौन शोषण के 11,500 मामले दर्ज किए गए हैं। असली संख्या और ज्यादा होने का अनुमान है।

एमजे/एके (एएफपी, डीपीए, केएनए)


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