पांचवां टेस्ट भारत पारी और 244 रनों से हारा

PTI

आंकड़ों के हिसाब से यह हालांकि पिछली बार 2011 में ‘वाइटवाश’की तरह नहीं था, जिसमें भारतीय टीम 0-4 से हार गई थी लेकिन इंग्लैंड के लिए साउथम्पटन में पासा पलटा, इसके बाद से महेंद्र सिंह धोनी के खिलाड़ियों के लिए यह शर्मनाक सफर ही रहा है, जो आत्मविश्वास से लबरेज इंग्लैंड के दबाव के आगे चुनौती पेश नहीं कर सके और धराशायी हो गए।

गौतम गंभीर (3), चेतेश्वर पुजारा (11), विराट कोहली (20) जैसे खिलाड़ियों की विपरीत परिस्थितियों में जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे गेंदबाजों के सामने खराब तकनीक का साफ खुलासा हो गया जबकि कोहली को पता ही नहीं चल रहा था कि इस तरह की गेंदों को कैसे खेला जाए।

यह विडम्बना ही है कि भारतीय टीम दो टेस्ट मैच ‘पांच दिन के खेलने के कुल समय’ (ढाई-ढाई दिन) में ही गंवा बैठी जो एक टेस्ट मैच का समय है। इंग्लैंड की इस शानदार जीत को रोकना असंभव था। भारत के लिए सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (2) एंडरसन की इनकटर पर पगबाधा आउट हुए। गौतम गंभीर क्रिस वोक्स के सीधे थ्रो से रन आउट हुए। जिससे भारत ने लंच तक नौ रन पर दो विकेट गंवा दिए थे और हार की दास्तां तभी लिख दी गई थी।

क्रिस जोर्डन (18 रन देकर चार विकेट) और जेम्स एंडरसन (16 रन देकर दो विकेट) ने भारतीय बल्लेबाजों को फिर परेशान किया जो उनकी स्विंग गेंदबाजी से नहीं उबर सके। स्टुअर्ट ब्रॉड (22 रन देकर एक विकेट) और वोक्स (24 रन देकर एक विकेट) को एक एक विकेट मिला। भारत के लिए केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक तक पहुंच सके।

पुजारा और कोहली ने लंच के बाद थोड़ी फार्म हासिल करने की शुरुआत की, थोड़े समय के लिए वे बेहतर दिख रहे थे लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं चल सका और पुजारा एंडरसन की गेंद पर विकेटकीपर को कैच दे बैठे। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए भारतीय पारी की सबसे बड़ी 21 रन की भागीदारी निभाई।

पुजारा के आउट होते ही लगातार विकेट गिरने का दौर शुरू हुआ। अंजिक्य रहाणे (4) क्रीज पर उतरे, उन्होंने जमने के लिए कुछ गेंद ली लेकिन पांच ओवर बाद वह इसी तरीके से आउट हो गए। तीसरी स्लिप में खड़े गैरी बैलेंस ने एक हाथ से उनका शानदार कैच लपका।

पांच गेंद बाद कप्तान धोनी (0) भी फारवर्ड शॉर्ट लेग पर कैच देकर पैवेलियन पहुंच गए और भारतीय टीम इस समय 46 रन पर पांच विकेट गंवाकर जूझ रही थी।

कोहली ने कम से कम टीम को 50 रन पार कराए, लेकिन प्रतिष्ठा बचाने के लिए नाकाफी था। यह बल्लेबाज 24वें ओवर में गेंद पर बल्ला छुआकर पहली स्लिप में कैच देकर आउट हुआ। जोर्डन ने फिर तेजी से 26वें ओवर में आर अश्विन (7) और भुवनेश्वर कुमार (4) के पांच गेंद के भीतर विकेट हासिल किए।

वरुण आरोन (1) एक ओवर बाद रन आउट हुए। भारतीय पारी का अंत ईशांत शर्मा (2) के आउट होने से हुआ जो शॉर्ट गेंद को नहीं खेल सके और मोइन अली को कैच दे बैठे। स्टुअर्ट बिन्नी 25 रन बनाकर नाबाद रहे।

पहली पारी में 61.1 ओवर में 148 रन पर आउट होने वाले भारत ने सबक नहीं सीखा। उसकी परेशानी सुबह के सत्र से ही शुरू हो गई थी, जब 336 रन से पिछड़ रही टीम ने दूसरी पारी शुरू करने के बाद जल्द ही दो विकेट गंवा दिए।

एंडरसन ने पारी के पांचवें ओवर में विजय (2) को पगबाधा आउट किया। रन बनाने के लिए जूझ रहे गंभीर (3) ने रन आउट होकर अपना विकेट गंवाया। वह नान स्ट्राइकर छोर से रन के लिए दौड़ पड़े और जब तक वापस क्रीज पर लौटते, तब तक वोक्स ने सीधे थ्रो से गिल्लियां गिरा दी। इसके तुरंत बाद बारिश आ गई, जिसके कारण अंपायरों ने जल्दी लंच का फैसला किया। तब पुजारा बिना रन बनाए खेल रहे थे और भारत 329 रन से पीछे था।

इससे पहले इंग्लैंड ने अपने कल के स्कोर सात विकेट पर 385 रन से आगे खेलना शुरू किया और आखिर में रूट के शतक से बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा, जिन्होंने 165 गेंद का सामना करते हुए 18 चौके और एक छक्के से नाबाद 149 रन बनाए। बादल छाए हुए थे लेकिन अपनी लाइन और लेंथ सही नहीं रख पाए, जिसका उन्होंने खामियाजा भुगता।

ईशांत ने क्रिस जोर्डन (20) और स्टुअर्ट ब्रॉड (37) के विकेट लिए। उन्होंने कुल 96 रन देकर चार विकेट चटकाए। रविचंद्रन अश्विन (72 रन देकर तीन विकेट) ने एंडरसन (1) को पगबाधा आउट करके इंग्लैंड की पारी का अंत किया। अपनी चोटिल नाक को बचाने के लिए नए हेलमेट के साथ खेल रहे ब्रॉड ने 21 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 37 रन की तेज तर्रार पारी खेली।

रूट ने जोर्डन के साथ आठवें विकेट के लिए 82 और ब्रॉड के साथ नौवें विकेट के लिए 63 रन की दो उपयोगी साझेदारियां की। भारत ने पहले घंटे में 11 ओवर किए और 98 रन गंवाए। रूट और ब्रॉड ने नौवें विकेट की साझेदारी केवल 6.4 ओवर में 9.45 रन प्रति ओवर की तरफ से निभाई। ब्रॉड ने इशांत की शॉर्ट पिच गेंद पर गली में कैच थमाया।
(भाषा)
लंदन| भाषा|
लंदन। भारतीय टीम के हाल में लचर प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा और उसे आज यहां पांचवें और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों तीसरे दिन ही पारी और 244 रन की करारी शिकस्त का मुंह देखना पड़ा जिससे मेजबान टीम ने श्रृंखला 3-1 से अपने नाम कर ली।
भारतीय बल्लेबाजों के बिना किसी मशक्कत के घुटने टेकने का नजारा आज फिर दिखा, जो दूसरी पारी में महज 29.2 ओवर में केवल 94 रन ही बना सके और उन्हें 40 साल में सबसे शर्मनाक टेस्ट हार मिली।इंग्लैंड ने जो रूट के नाबाद 149 रन की मदद से पहली पारी में 486 रन बनाए, जिससे मेजबान टीम ने 338 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली थी। श्रृंखला में मिली जीत से कप्तान एलिस्टर कुक और उनके खिलाड़ी तीन साल में लगातार दूसरी बार पटौदी ट्रॉफी बरकरार रखेंगे।


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