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चरणामृत लेते समय करें इस शुभ मंत्र का उच्चारण, जानें औषधीय महत्व...

मंगलवार,सितम्बर 25, 2018
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हिन्दू धर्म में विभिन्न देवताओं के अवतार की मान्यता है। भगवान श्रीहरि विष्‍णु ने धर्म की रक्षा हेतु हर काल में अवतार ...
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ऋषियों के सिद्धांत को हम जितना अपने जीवन में उतारेंगे, ऋषि पूजन उतना ही सार्थक होगा। मन में छुपे हुए परमात्म खजाने को ...
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तिरुवनंतपुरम। केरल में पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ के कारण बंद पड़े सबरीमाला मंदिर के द्वार मलयालम महीने 'कान्नी' के ...
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शिव लिंगरूप बहिरंग हैं, नमामि शम्भो। शिव ध्यानरूप अंतरंग हैं, नमामि शम्भो। शिव तत्व ज्ञानस्वरूप हैं, नमामि शम्भो। शिव ...
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पुराणों में कल्कि अवतार के कलियुग के अंतिम चरण में आने की भविष्यवाणी की गई है। अभी कलियुग का प्रथम चरण ही चल रहा है ...
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शिव की घोर तपस्या के बाद शिलाद ऋषि ने नंदी को पुत्र रूप में पाया था। शिलाद ऋषि ने अपने पुत्र नंदी को संपूर्ण वेदों का ...
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हिन्दू धर्म में एकादशी को विष्णु से तो प्रदोष को शिव से जोड़ा गया है। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है। आपका ईष्‍ट कोई भी आप ...
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केवट भोईवंश का था तथा मल्लाह का काम करता था। केवट रामायण का एक खास पात्र है, जिसने प्रभु श्रीराम को वनवास के दौरान माता ...
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पूजा साधना करते समय बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन पर सामान्यतः हमारा ध्यान नहीं जाता है लेकिन पूजा साधना की दृष्टि से यह ...
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भगवान नरसिंह में वे सभी लक्षण थे, जो हिरण्यकश्यप के मृत्यु के वरदान को संतुष्ट करते थे। भगवान नरसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप ...
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गिरिराज गोवर्धन उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले से लगभग 22 किमी की दूरी पर स्थित है। गिरिराज गोवर्धन पर्वत 21 किमी के ...
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कर्नाटक में युगादि, तेलुगू क्षेत्रों में उगादि, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, सिंधी समाज में चैती चांद, मणिपुर में सजिबु ...
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यह पत्ते ऐसे हैं जिन्हें शुभ और पवित्र मानकर उनका पूजा में उपयोग किया जाता है। ऐसे ही कुछ विशेष पत्तों की जानकारी यहां ...
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शीत ऋतु की विदाई एवं ग्रीष्म ऋतु के आगमन की संधि बेला में युगल मन प्रणय के मधुर सपने संजोए मौसम के साथ अजीब हिलौरे ...
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त्याग और तपस्या के प्रतिरूप भगवान शिव लोक कल्याण के अधिष्ठाता देवता हैं। वे संसार की समस्त विलासिताओं और ऐश्वर्य ...
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पुराणों में ऐसा वर्णित है कि संसार में एकमात्र मां नर्मदा नदी ही है जिसकी परिक्रमा सिद्ध, नाग, यक्ष, गंधर्व, किन्नर, ...
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ऋतुओं में वसंत ऋतु सर्वश्रेष्ठ है इसीलिए वसंत को 'ऋतुओं का राजा' माना जाता है। इस ऋतु के प्रवेश करते ही संपूर्ण पृथ्वी ...
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राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों का गंगाजल-अक्षत-तिल से श्राद्ध-तर्पण किया था। तब से माघ मकर संक्रांति स्नान और मकर ...
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पौष माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक शाकंभरी नवरात्रि (Shakumbhri Navratri) मानी जाती है। धार्मिक शास्त्रों ...
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