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राज राजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की जयंती

मंगलवार,नवंबर 13, 2018
Sahastrabahu
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प्रतिवर्ष कार्तिक मास की पंचमी तिथि को पांडव पंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष पांडव पंचमी सोमवार, 12 नवंबर ...
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ब्रह्मर्षि वशिष्ठ अपनी सहधर्मिणी अरुंधती से कह रहे थे, देवी! ऋषि विश्वामित्र के यहां जाकर जरा-सा नमक मांग लाओ।
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गिरिराज गोवर्धन उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले से लगभग 22 किमी की दूरी पर स्थित है। गिरिराज गोवर्धन पर्वत 21 किमी के ...
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महर्षि वाल्मीकि संस्कृत के महान कवि थे। महर्षि वाल्मीकि ने पावन ग्रंथ रामायण की रचना करके हमें प्रेम, त्याग, तप व यश की ...
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नई दिल्ली। शहर में इस साल दुर्गा पूजा के मौके पर अलग-अलग थीम आधारित पूजा पंडाल बनाए गए हैं जिनमें कोई अनाथ बच्चों की ...
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चरणामृत यानि चरणों का अमृत। हिन्दू धर्म में चरणामृत को बेहद शुद्ध और पवित्र माना जाता है। वैसे तो चरणामृत उस जल को कहा ...
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हिन्दू धर्म में विभिन्न देवताओं के अवतार की मान्यता है। भगवान श्रीहरि विष्‍णु ने धर्म की रक्षा हेतु हर काल में अवतार ...
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ऋषियों के सिद्धांत को हम जितना अपने जीवन में उतारेंगे, ऋषि पूजन उतना ही सार्थक होगा। मन में छुपे हुए परमात्म खजाने को ...
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तिरुवनंतपुरम। केरल में पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ के कारण बंद पड़े सबरीमाला मंदिर के द्वार मलयालम महीने 'कान्नी' के ...
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शिव लिंगरूप बहिरंग हैं, नमामि शम्भो। शिव ध्यानरूप अंतरंग हैं, नमामि शम्भो। शिव तत्व ज्ञानस्वरूप हैं, नमामि शम्भो। शिव ...
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पुराणों में कल्कि अवतार के कलियुग के अंतिम चरण में आने की भविष्यवाणी की गई है। अभी कलियुग का प्रथम चरण ही चल रहा है ...
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शिव की घोर तपस्या के बाद शिलाद ऋषि ने नंदी को पुत्र रूप में पाया था। शिलाद ऋषि ने अपने पुत्र नंदी को संपूर्ण वेदों का ...
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हिन्दू धर्म में एकादशी को विष्णु से तो प्रदोष को शिव से जोड़ा गया है। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है। आपका ईष्‍ट कोई भी आप ...
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केवट भोईवंश का था तथा मल्लाह का काम करता था। केवट रामायण का एक खास पात्र है, जिसने प्रभु श्रीराम को वनवास के दौरान माता ...
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पूजा साधना करते समय बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन पर सामान्यतः हमारा ध्यान नहीं जाता है लेकिन पूजा साधना की दृष्टि से यह ...
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भगवान नरसिंह में वे सभी लक्षण थे, जो हिरण्यकश्यप के मृत्यु के वरदान को संतुष्ट करते थे। भगवान नरसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप ...
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कर्नाटक में युगादि, तेलुगू क्षेत्रों में उगादि, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, सिंधी समाज में चैती चांद, मणिपुर में सजिबु ...
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यह पत्ते ऐसे हैं जिन्हें शुभ और पवित्र मानकर उनका पूजा में उपयोग किया जाता है। ऐसे ही कुछ विशेष पत्तों की जानकारी यहां ...
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शीत ऋतु की विदाई एवं ग्रीष्म ऋतु के आगमन की संधि बेला में युगल मन प्रणय के मधुर सपने संजोए मौसम के साथ अजीब हिलौरे ...
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