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यम द्वितीया पर होगा यमराज एवं यमुना का पूजन, जानिए पौराणिक मंत्र...

कार्तिक मास में दीपावली के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज या यम द्वितीया का पर्व मनाया जाता है। इस दिन तथा उनकी बहन करने का विधान है। जानिए यमराज एवं यमुना के पूजन के अर्घ्य एवं मंत्र : - 


 
यमराज की पूजा के लिए : -
 
धर्मराज नमस्तुभ्यं नमस्ते यमुनाग्रज।
पाहि मां किंकरैः सार्धं सूर्यपुत्र नमोऽस्तु ते।।
 
यमराज को अर्घ्य के लिए : -
 
एह्योहि मार्तंडज पाशहस्त यमांतकालोकधरामेश।
भ्रातृद्वितीयाकृतदेवपूजां गृहाण चार्घ्यं भगवन्नमोऽस्तु ते॥ 
 
यमुना पूजा के लिए : -
 
यमस्वसर्नमस्तेऽसु यमुने लोकपूजिते।
वरदा भव मे नित्यं सूर्यपुत्रि नमोऽस्तु ते॥ 
 
 
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