कैसे मनाएं भाई दूज का पावन पर्व, पढ़ें 11 काम की बातें...

Bhai Dooj



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कैसे मनाएं का पावन पर्व, पढ़ें 11 काम की बातें...

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भैयादूज, भाई दूज अथवा यम द्वितीया को मृत्यु के देवता यमराज का पूजन किया जाता है। इस दिन बहनें भाई को अपने घर आमंत्रित कर अथवा सायं उनके घर जाकर उन्हें करती हैं और भोजन कराती हैं। इस वर्ष यह पर्व 21 अक्टूबर 2017, को मनाया जाएगा।

आइए जानें कैसे मनाएं यह पर्व -

* भाई दूज/के दिन लगभग 5 बजे (ब्रह्म मुहूर्त) में उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर शरीर पर तेल मलकर स्नान करें।

* इस दिन भाई तेल मलकर गंगा-यमुना में स्नान करें। (यदि यह संभव न हो तो बहन के घर स्नान करें।)

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बहन निम्न मं‍त्र से भाई का अभिनंदन करें -
मंत्र- भ्रातस्तवानुजाताहं भुंक्ष्व भक्तमिमं शुभं।
प्रीतये यमराजस्य यमुनाया विशेषत:।।

* तत्पश्चात बहन भाई को भोजन कराकर तिलक लगाएं।

* इस दिन बहनों को चाहिए कि भोजन में भाइयों को चावल खिलाएं।

* भाई भोजन के बाद बहन के चरण स्पर्श कर उपहारस्वरूप वस्त्राभूषण आदि दें।

* इस दिन भाई को अपनी बहन के घर जाकर भोजन करना चाहिए। बहन सगी (अपने माता-पिता से उत्पन्न), ममेरी (मामा-मामी से उत्पन्न), चचेरी (चाचा-चाची से उत्पन्न), धर्म (रक्षाबंधन द्वारा बनाई गई) कोई भी हो सकती है।

* अपने भाई को शुभ आसन पर बैठाकर, हाथ-पैर धुलाकर, चावलयुक्त उत्तम पकवान, मिठाई आदि से अपनी सामर्थ्‍य अनुसार भोजन कराएं। भोजन पश्चात भाई को तिलक लगाकर उसके आयुष्य की कामना करें।

* भाई अपनी बहन को यथा सामर्थ्य सौभाग्य वस्तुएं (वस्त्र, आभूषण) व नकद द्रव्य देकर उसके सौभाग्य की कामना करें।

* बहन के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करे।

* इस दिन यमराज तथा यमुनाजी के पूजन का भी विधान है।

दिन भाई-बहन साथ-साथ यमुना अथवा अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर आयुष्य एवं सौभाग्य की कामना करते हैं।


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