'बुमराह' कर सकता है 'गुमराह'

Author नरेन्द्र भाले|
गेंदबाजी के मामले में पूर्व में मुरलीधरन तथा मलिंगा सदैव अबूझ रहे हैं। इस पर क्रिकेट बिरादरी की उंगलियां भी उठीं और आईसीसी ने अस्थाई रूप से प्रतिबंध भी लगाया। लेकिन दोनों ने ही बाइज्जत वापसी कर अपने हुनर का परचम फहराया। 
ऐसा ही एक बंदा है धोनी की फौज में। फिलहाल भले ही नर्सरी में पढ़ रहा है लेकिन अच्छे-अच्‍छे बल्लेबाजों के दांत तोड़ना जानता है। उसकी रफ्तार भले ही तूफानी नहीं है लेकिन उसका स्लिंग एक्शन सूरमाओं को भी चौंका देता है। फिर उसके बाल सुलभ चेहरे पर, दिमाग में ऐसा चक्र चलता है, जो धाकड़ों को भी चकरा देता है। 
 
उसका सबसे शातिर हथियार है स्लॉग ओवरों में यॉर्कर। यह टीम इंडिया का दुर्भाग्य है कि इसके पूर्व उन्हें एक भी ऐसा मध्यम तेज गेंदबाज नहीं मिला जिसे मौके पर अचूक यॉर्कर का इस्तेमाल करना आता हो। भले ही इसके पास फिलहाल अनुभव नहीं है, लेकिन उसे सही अंदाज में तराशा जाए या उत्साहवर्धन किया जाए तो बंदा भविष्य में गजब ढा सकता है।
 
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हमें कभी इरफान पठान मिला था, लेकिन तेजी और लाइन लेंथ के चक्कर में बंदा गेंदबाजी ही भूल गया। आज यहां मैं की चर्चा कर रहा हूं, जो निश्चित रूप से लंबी रेस का रॉयल हॉर्स नजर आता है। गिल्ली-डंडे के इस फॉर्मेट में बंदा बेखौफ गेंदबाजी कर रहा है एवं एक कंजूस महाजन की तर्ज पर रनों में डंडी मारने में भी कुशल नजर आ रहा है।
 
आज भारत-पाक क्रिकेट के लिहाज से बड़ा दिन है एवं यकीन मानें रतजगा भले ही कोलकाता में हो, लेकिन सन्नाटा निश्चित रूप से पाक की सड़कों पर पसरा होगा। इसमें संदेह ही नहीं है कि विश्व कप स्पर्धाओं में पाकिस्तान को भारत फतह करने का कभी भी मौका नहीं मिला। लेकिन जहां तक ईडन का सवाल है, पाकिस्तान ने वहां अब तक उम्दा प्रदर्शन किया है।
 
जहां तक एक समीक्षक का सवाल है, मैंने कभी इन मुकाबलों को जंग की तरह नहीं, बल्कि मैच की तरह ही लिया है। लेकिन जहां तक खिलाड़ी और दर्शकों का सवाल है, वे इसे अल्टीमेट बेइज्जती की तरह, शर्म के रूप में व्यक्तिगत खुन्नस के ही अंदाज में लेते हैं।
 
इस विश्व कप का जहां तक सवाल है, निश्चित ही टीम इंडिया बैकफुट पर है, क्योंकि वे एक मैच हार चुके हैं और यदि आज इसे दोहराया तो निश्चित ही घर बैठने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। बांग्लादेश को एकतरफा चलता कर पाक के हौसले बुलंद हैं।
 
मुझे परिणाम की भविष्यवाणी करने का कोई शौक नहीं है। मैं तो इंतजार कर रहा हूं कि दाग की वापसी के पश्चात उम्दा गेंदबाज मोहम्मद आमिर और जसप्रीत बुमराह की होने वाली जुगलबंदी का।
 
इसमें संदेह नहीं है कि वामहस्त तेज गेंदबाज नैसर्गिक स्विंगर होते हैं और उतने ही घातक, उसके बावजूद बुमराह के स्लिंग एक्शन के चार ओवर बेहद महत्वपूर्ण होंगे और कभी भी पांसा पलट सकते हैं। अभी चलते हैं और कल मिलते एक नए एंगल और परिणाम के साथ।

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