एक मुलाकात शाहरुख के साथ

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अनुष्का के साथ जब मैंने काम किया तो मुझे लगा कि किसी दृश्य को नए तरीकों से भी किया जा सकता है। हो सकता है कि मेरे अभिनय में अब दोहराव आने लगा हो या मेरे अभिनय की मेरी एक स्टाइल विकसित हो गई हो। मुझसे कई लोगों ने पूछा कि इस फिल्म में नई लड़की है तो मैंने उसे अभिनय के पाठ पढ़ाए होंगे, लेकिन मैं कहूँगा कि अनुष्का यह बात नहीं जानती है कि उन्होंने मुझसे अभिनय कराया। एक दृश्य खत्म होने के बाद मैं अनुष्का के पास गया और उनसे कहा कि हमारी फिल्म को इतनी खूबसूरत बनाने के लिए धन्यवाद।

प्रश्न : आदित्य की यह तीसरी फिल्म है और तीनों में आपने काम किया है। इस जुगलबंदी के बारे में क्या कहना चाहेंगे?
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शाहरुख इन दिनों अपनी फिल्मों को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं। रब ने बना दी जोड़ी में सुरिंदर साहनी का किरदार निभाकर अपनी अलग छवि प्रस्तुत करने वाले के विचारों में इन दिनों बदलाव देखरहहै। उनके लिए बेहद अहम इस में काम करके उन्हें कैसा महसूस हुआ आइए जानते हैं उनकी जुबानी:
प्रश्न : आप बहुत सोच‍-विचार कर फिल्म साइन करते हैं। ‘रब ने बना दी जोड़ी’ को करने के क्या कारण रहे?उत्तर : यशराज फिल्म्स की फिल्म करते समय मैं कोई कारण नहीं सोचता। बातों ही बातों में हम फिल्म कर लेते हैं। मैं यशजी से पूछता हूँ कि यशजी आप कौन-सी फिल्म बना रहे हैं या यशजी मुझसे कहते हैं- ‘तू क्या कर रहा है’ और मैं कहता हूँ ‘कुछ नहीं’। फिर वे कहते हैं कि ‘चल आ जा पिक्चर कर लें।’ जनवरी की बात है। आदित्य ने मुझसे कहा कि उसने एक फिल्म लिखी है। मैंने सोचा कि वह एक ‍और फिल्म का निर्माण करने जा रहा है, लेकिन आदि ने मुझसे कहा कि यह फिल्म उसने मेरे लिए लिखी है और इस बारे में मुझसे बात करना चाहता है। मैंने कहानी सुनी और कहा कि यह बहुत अच्छी है।आदि ने कहा- तीन महीने बाद हम इसकी शूटिंग आरंभ करेंगे। बस, इस फिल्म में मैं आ गया। में ऐसे कुछ लोग हैं, जिनकी फिल्म करने के पहले मैं कुछ भी नहीं सोचता। करण, फरहा, यशजी और आदित्य मुझसे कहते हैं कि चलो यार एक फिल्म करते हैं और मैं हाँ कर देता हूँ।प्रश्न : अनुष्का शर्मा अपने करियर की शुरुआत आपके साथ इस फिल्म के जरिए कर रही हैं। आप क्या कहेंगे अनुष्का के बारे में?उत्तर : ईमानदारी से कहूँ तो जब मैं पहली बार अनुष्का से मिला तो मुझे उनमें गजब का आत्मविश्वास नजर आया। मैं अपने करियर के उस दौर से गुजर रहा हूँ जहाँ मुझे युवा पीढ़ी के साथ काम करने का मौका मिल रहा है, जिनकी सोच अलग है। मुझे लगता है कि मैं इनसे अलग पीढ़ी का हूँ।
उत्तर : आदित्य चोपड़ा और मेरी दोस्ती ‘डर’ के दौरान हुई थी, जब आदि इस फिल्म का मुख्य सहायक निर्देशक था। हम दोनों एक से हैं, एक-सा सोचते हैं इसलिए दोनों अच्छे दोस्त बन गए। आदित्य की तरह मैं भी शर्मीला और एकांतप्रिय हूँ। यह बात और है कि मैं अभिनेता हूँ इसलिए लोग मेरे बारे में ज्यादा जानते हैं और आदि के बारे में कम। सेट पर मैं हमेशा आदि को सर कहकर संबोधित करता हूँ। आदित्य मैं तुम्हें धन्यवाद कहना चाहूँगा कि तुमने मुझे अपनी तीसरी फिल्म में भी लिया। मैं तुम्हारी आखिरी फिल्म में भी काम करना चाहूँगा जो तुम पचास-साठ साल बाद बनाओगे। मैं अपने आपको भाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे तुम्हारी हर फिल्म का हिस्सा बनने का अवसर मिला।

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