चंद्रग्रहण- किसे मिलेंगे शुभ फल, किसके लिए है कष्ट, पढ़ें विस्तृत आलेख


Author पं. देवेन्द्रसिंह कुशवाह|
2015 को पर विशेष 
 
 
हिन्दू नववर्ष नवसंवत् के बाद भारत का पहला खग्रास चन्द्र ग्रहण चैत्र शुक्ल पूर्णिमा शनिवार, 4 अप्रैल 2015 को लगभग देश के सभी हिस्सों में ग्रस्तोदय खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा। ग्रस्तोदय (ग्रस्त उदय) मतलब जिस समय ग्रहण होगा, सूर्यास्त हो गया होगा और चन्द्र उदय के समय ग्रहण होगा। जबकि खंडग्रास का मतलब है ग्रहण पूर्ण न दिखकर एक भाग में ग्रहण लगा हुआ दिखाई देगा। देश में जिन स्थानों पर चन्द्रोदय शाम 7 बजकर 15 मिनट बाद होगा, वहां ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण शाम 7.15 तक खत्म हो जाएगा। 
 
भारतीय समयानुसार भूमंडल में चन्द्र ग्रहण का स्पर्श मोक्षादि समय निम्नानुसार होगा- 
 
ग्रहण स्पर्श- दोपहर 3 बजकर 45 मिनट 
सम्मिलन- सायं 5 बजकर 24 मिनट 
ग्रहण मध्य- सायं 5 बजकर 30 मिनट 
उन्नमिलन- सायं 5 बजकर 36 मिनट 
(समाप्ति)- सायं 7 बजकर 18 मिनट 
पर्वकाल- 3 घंटा 30 मिनट 
 
ग्रहण स्पर्श होने से मोक्ष होने तक के समय को पर्वकाल कहा जाता है। अगर हम इंदौर, उज्जैन की बात करें तो इंदौर और उज्जैन में चन्द्रोदय शाम 6 बजकर 38 मिनट और 6 बजकर 40 मिनट पर होगा इसलिए इंदौर में शाम 6 बजकर 38 मिनट और उज्जैन में 6 बजकर 40 मिनट ग्रस्तोदित चन्द्र ग्रहण दिखाई देगा चूंकि शाम 7 बजकर 15 मिनट तक ग्रहण मोक्ष (समाप्ति) का समय है इसलिए करीब 37 मिनट तक ग्रहण दिखाई देता रहेगा। 
 
 
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