यशो मौसी की ‘यहाँ मैं घर-घर खेली से’ बिदाई

Zahida Parveen
समय ताम्रकर|
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धारावाहिक ‘यहाँ मैं घर-घर खेली’ में यशो मौसी अपनी सगी बहन प्रतिभा और करण को मारने के लिए षड्‍यंत्र रचती हैं। आभा के लिए मुश्किलें पैदा करती हैं। इस वजह से उन्हें स्वर्ण भवन से बाहर कर दिया जाता है और उनका ट्रेक खत्म हो जाता है।

यशो मौसी उन टीवी किरदारों में से है जिनसे लोग नफरत करते हैं। इस किरदार को निभाया है ने जो अपनी निजी जिंदगी में अलग ही शख्सियत हैं। जाहिदा को पूरी यूनिट बेहद चाहती है और उनका धारावाहिक से जाना सभी को अखर रहा है।
का कहना है, "वे बेहद जिंदादिल और मददगार स्वभाव की हैं।" सुहासी धामी जो धारावाहिक में यशो मौसी के सामने खड़ी भी नहीं रह पाती थी, सेट पर उनके साथ खूब गपशप करती हैं।

शूटिंग के आखिरी दिन जाहिदा पूरी यूनिट के लिए चॉकलेट और केक लेकर आईं और सबको खाना भी खिलाया। अपनी बिदाई के दौरान भावुक कर देने वाले शब्दों में उन्होंने सभी के प्रति धन्यवाद और आभार जताया।
क्या वे दोबारा इस धारावाहिक में एक अच्छे किरदार के रूप में शामिल होंगी या फिर से किसी दुष्ट चरित्र के रूप में सामने आएँगी, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है। जी टीवी पर यह धारावाहिक प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार रात 8.30 पर देखा जा सकता है।


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