'ग्लोबल लीडर' बनना चाहता है बीएचयू

वाराणसी| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 26 मई 2010 (22:21 IST)
एक में देश के की पदवी पाने के बाद (बीएचयू) की निगाहें अब बनने पर जा टिकी हैं। इस कड़ी में वह पहले दक्षिण एशिया का अगुआ बनना चाहता है।

बीएचयू के कुलपति प्रो. धीरेन्द्र पाल सिंह ने संवाददाताओं से कहा 'बीएचयू को ग्लोबल हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट के रूप में प्रतिष्ठापित करने की कड़ी में दक्षिण एशिया अध्ययन केन्द्र की स्थापना का प्रोजेक्ट तैयार कराया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को मंजूरी के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पास भेजा जाएगा। बीएचयू में इस केन्द्र के खुलने से हम दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाने का दावा कर सकेंगे।
सिंह ने कहा कि देश के 50 उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों में शत प्रतिशत अंकों के आधार पर शीर्ष रैंकिंग पाना बड़ी उपलब्धि है लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखना विश्वविद्यालय परिवार के लिए बड़ी चुनौती है।

इसके लिए शोध की गुणवत्ता में सुधार के साथ ज्यादा से ज्यादा पेटैंट कराने पर जोर दिया जाएगा। इन सबसे बढ़कर विश्वविद्यालय परिसर में आंतरिक अनुशासन पर विशेष बल दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इंडिया टुडे व नील्सन कम्पनी की एक टीम ने कला विज्ञान और वाणिज्य के क्षेत्र में देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण किया।

विस्तृत अनुसंधान अवधारणात्मक व तथ्यात्मक अंकों पर आधारित 140 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के सर्वेक्षण में देश भर के 342 विशेषज्ञों ने जिन 50 विश्वविद्यालयों को रैंकिंग दी उनमें बीएचयू शिखर पर रहा। (भाषा)


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