सुमित्रा सिंह सबसे अधिक बार चुनाव जीतने वाली प्रत्याशी

जयपुर| वार्ता| पुनः संशोधित गुरुवार, 28 नवंबर 2013 (10:58 IST)
FILE
जयपुर। राजस्थान में एक दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों में अब तक सबसे अधिक नौ बार चुनाव जीत चुकी हैं।

इस बार निर्दलीय के रुप में चुनाव लड़ रही सुमित्रा वर्ष 1957 में पिलानी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनीं। उसके बाद वह सन् 1962 से लगातार चार बार झुंझुनूं से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची।

वह वर्ष 1985 में लोकदल सन् ।990 में जनता दल प्रत्याशी के रुप में फिर पिलानी से तथा वर्ष 1998 में निर्दलीय एवं वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर झुंझुनूं से विधायक बनकर अब तक नौ बार विधायक बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं।
इतने लंबे राजनीतिक अनुभव के बावजूद वह इस बार भाजपा से अपना टिकट हासिल नहीं कर सकीं और उन्हें निर्दलीय के रुप में चुनाव मैदान में उतरना पड़ा। हालांकि वह पिछली बार चुनाव हार गई थीं और अपनी जमानत भी नहीं बचा पाई थीं।

इस चुनाव में 199 सीटों के लिए कुल 2087 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और इनमें सुमित्रा के अलावा धौलपुर जिले में राजाखेड़ा विधानसभा सीट पर क्रांग्रेस प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह एवं बीकानेर जिले में कोलायत से भाजपा के प्रत्याशी देवी सिंह भाटी सात बार तथा कांग्रेस प्रदेश पूर्व अध्यक्ष एवं सीकर जिले के दातारामगढ से पार्टी उम्मीदवार नारायण सिंह छह बार चुनाव जीत चुके हैं।
इनमें भाटी एक मात्र ऐसे विधायक हैं जो वर्ष 1980 से एक ही स्थान से लगातार सात बार विधायक चुने गए हैं। प्रद्युम्न सिंह वर्ष 1967, 1972, 1977, 1980, 1990, 1998 एवं 2003 के विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। इसी तरह नारायण सिंह वर्ष 1972, 1980, 1985, 1993, 1998 एवं 2003 में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। (वार्ता)


और भी पढ़ें :