रोबोटिक्स का रोचक करियर

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शब्द की उत्पत्ति चेक शब्द 'रोबिट' तथा के शब्द रोबोटा से हुई, जिसका अर्थ कार्य तथा गुलामी का काम है। आजकल हार्ट सर्जरी करते हैं, बारूदी सुरंगों को हटाते हैं तथा कारों की असेम्बलिंग का कार्य करते हैं। फिर भी भारतीय कंपनियाँ अभी भी बार-बार किए जाने वाले बोरिंग तथा असुखदकर कार्यों में रोबोटों के उपयोग करने से बच रही है। वेल्डिंग, असेम्बलिंग, स्प्रे-पेटिंग, कटिंग तथा पूर्जों को लगाना कुछ ऐसे काम हैं, जिन्हें रोबोट द्वारा कुशलतापूर्वक किया जाता है।

तीन शाखाओं का संगम है रोबोटिक्
के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या कम्प्यूटर का अध्ययन करने की आवश्यकता होती है। वास्तव में रोबोटिक्स इन तीनों के तालमेल का ही रूप है। इसलिए रोबोटिक्स में सुविज्ञता हासिल करने के लिए इन तीनों क्षेत्र का गहन ज्ञान अपेक्षित है। इस क्षेत्र में कुछ इंजीनियरिंग संस्थानों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्ड रोबोटिक्स सिस्टम्स, इंटेलिजेंस कंट्रोल, इमेजिंग प्रोसेस, न्यूरल नेटवर्क्स तथा फुजी लाजिक्स पर विशेष कोर्स संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा पोस्टग्रेजुएट स्तर पर भी स्पेशलाइजेशन किया जा सकता है।

रोबोटिक्स के अध्ययन में बेसिक इंजीनियरिंग प्रिसिपल तथा रोबोट्स का विकास तथा उपयोग करने वाले प्रोफेशनल की सहायता करने के लिए टेक्निकल स्किल्स सिखाई जाती है। इसमें डिजाइन में इंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन टेस्टिंग, सिस्टम मैटेनेंस तथा रिपेयर शामिल है।

रोबोटिक्स को जानिए
फिर भी रोबोटिक्स एक या दो दिनों में सीख कर चलाया जाने वाला अल्पकालीन क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालीन अनुसंधानपरक है। हो सकता है कि इस क्षेत्र में आज प्रवेश करने वालों को अपनी मंजिल तक पहुँचने में कुछ साल इंतजार करना पड़े। बीएचईएल, बार्क तथा सीएआईआर जैसे संगठनों द्वारा फ्रेश ग्रेजुएटस को साइंटिस्ट के रूप में लेकर रोबोटिक्स के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाता है।

रोबोटिक्स विषय से परिचित होने के लिए सबसे पहले रोबोट की अवधारणा को समझना आवश्यक है। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन ने रोबोट को परिभाषित करते हुए बताया है कि यह ऐसी स्व-नियंत्रित रि-प्रोगामेबल मल्टीपरपज मशीन है, जिसे लोकोमोशन सहित या उसके बिना इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एप्लिकेशन के लिए उपयोग में लाया जाता है। आज सारी दुनिया में विभिन्न कार्यकलापों में रोबोटों का उपयोग निरंतर लोकप्रिय होकर बढ़ता जा रहा है। चूँकि रोबोट को किसी भी काम के लिए खतरनाक पर्यावरण तक के लिए बार-बार सही रूप से प्रोग्राम किया जा सकता है।

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- अशोक जोशी
ये विभिन्न रणनीतियुक्त मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। रोबोटिक्स के अंतर्गत रोबोट की डिजाइनिंग, उनका अनुरक्षण, नए एप्लिकेशंस का विकास और अनुसंधान जैसे काम आते हैं। इस क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिक्स तथा कम्प्यूटर साइंस जैसे सहयोगी क्षेत्रों का ज्ञान शामिल होता है। इसलिए इस क्षेत्र में करियर बनाने वालों को इन क्षेत्रों से संबंधित तकनीकों से अवगत होना चाहिए।


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