मुंबई के लिए न्याय का वर्ष रहा 2007

भाषा|
करीब 14 साल पहले 12 मार्च 1993 में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में 250 से अधिक लोगों को गवाँ कर दहली मुंबई को न्याय वर्ष 2007 में मिला। टाडा अदालत ने बम विस्फोट मामले में दोषी ठहराए गए अभियुक्तों को 18 मई से सजा सुनाना शुरू किया।

विशेष टाडा न्यायाधीश प्रमोद कोड़े ने 123 आरोपियों में से 100 को सजा सुनाई। इनमें से 12 को अधिकतम सजा सुनाई गई। बॉलीवुड के सितारे संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के जुर्म में छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। उन्हें हालाँकि विस्फोट के षड्यंत्र में शामिल होने के आरोपों से बरी कर दिया गया।

स्थानीय निवासियों ने बंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर के आसपास बनी सुरक्षा दीवार गिराने की माँग की जिससे खासा विवाद उठा।
कार दुर्घटना में सात मजदूरों को मार डालने के दोषी 21 वर्षीय एलिस्टर परेरा को जब निचली अदालत ने छह माह की सजा सुनाई तो इस पर उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया। सुनवाई के बाद परेरा को उच्च न्यायालय ने तीन साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने अभियोजन और जाँच को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई।

एक स्थानीय एनजीओ भ्रष्टाचार निर्मूलन संगठन ने सुपरस्टार शाहरुख खान को यह आरोप लगाते हुए अदालत में घसीटा कि उनके बंगले मन्नत के लिए एक विकास योजना की प्रस्तावित सड़क पर अतिक्रमण किया गया है।
संप्रग ने राष्ट्रपति पद के लिए जब प्रतिभा पाटिल को उम्मीदवार बनाया तब उच्च न्यायालय में एक मामला दायर कर स्थानीय कांग्रेस नेता विश्राम पाटिल की हत्या के मामले की जाँच की माँग की गई। याचिकाकर्ता ने माँग की कि प्रतिभा के भाई जीएन पाटिल को इस मामले में आरोपी बनाया जाए।

अदालत में दायर एक जनहित याचिका में कहा गया कि सफाई कर्मचारियों में मृत्युदर अधिक है। इस याचिका ने सफाई कर्मचारियों के काम करने की विषम परिस्थितियों को उजागर किया।
इस साल विधू विनोद चोपड़ा की फिल्म एकलव्य को जब आस्कर के लिए आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर चुना गया तो धर्म की निर्देशक भावना तलवार ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दे दी। लेकिन मामला शांतिपूर्वक निपट गया, क्योंकि भावना ने याचिका वापस भी ले ली।

पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का मकान भी सुर्खियों में रहा क्योंकि उनकी बेटी डीना वाडिया ने उच्च न्यायालय में मकान के स्वामित्व को लेकर दावा ठोंक दिया जो अभी भारत सरकार के पास है।
घाटकोपर बम विस्फोट मामले के अभियुक्त ख्वाजा यूनुस की हत्या के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला चलाया जाए या नहीं यह तय करने में विलंब के लिए महाराष्ट्र सरकार को उच्च न्यायालय की कड़ी फटकार मिली। आखिरकार इस मामले में राज्य सरकार ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर करने का निर्णय ले लिया।

पूर्व शिवसेना नेता और राज्य के राजस्व मंत्री नारायण राणे ने अदालत की शरण ले कर गुहार की कि शिवसेना के मुखपत्र सामना को उनकी कथित मानहानि करने से रोका जाए।
उद्योग जगत के दो महत्वपूर्ण स्तंभों की पारिवारिक लड़ाई भी उच्च न्यायालय तक पहुँच गई। अनिल अंबानी ने बडे भाई मुकेश अंबानी को इसलिए अदालत में घसीटा क्योंकि मुकेश की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अनिल की रिलायंस नैचुरल रिसोर्सेज लि. को गैस आपूर्ति करने से मना कर दिया था।

सूचना के अधिकार का इस्तेमाल करने वालों के हौसले बुलंद हो गए, क्योंकि उच्च न्यायालय ने जेल में सजा काट रहे पूर्व मंत्री सरूपसिंह नायक के अस्पताल में भर्ती होने संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक करने का फैसला किया।

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