राजनाथ सिंह ने बताया हिन्दी का महत्व

भोपाल| पुनः संशोधित शनिवार, 12 सितम्बर 2015 (21:28 IST)
भोपाल। दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के समापन अवसर मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हिन्दी की महत्ता पर खुलकर अपनी बात रखी और उसके महत्व को बताया। 
 
राजनाथ ने बताया कि नागालैंड में चुनावी सभा को जब वे अंग्रेजी में संबोधित कर रहे थे, तो वहां के लोगों ने शोर किया हिंदी में बोलें। वहां के लोगों ने टीवी, फिल्म और सेना के लोगों से हिंदी सीखी है। 
 
संयुक्त राष्ट्र संघ में संबोधन के बारे में उन्होंने बताया कि जब वे सांसद के रूप में वहां गए थे तो अपने अंग्रेजी का भाषण का उन्होंने स्वयं हिंदी में अनुवाद किया और हिंदी में ही भाषण दिया।
 
आयोजन समिति के उपाध्यक्ष और सांसद अनिल दवे ने सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन की चिट्ठी पढ़कर सुनाई। दवे ने कहा कि सम्मेलन में नहीं आ पाने पर बच्चन ने क्षमा मांगी है। गौरतलब है कि श्री बच्चन को समापन समारोह में भाग लेना था, लेकिन दांत की सर्जरी के कारण वे यहां नहीं आ पाए।
 
विश्व हिंदी सम्मेलन के समापन अवसर पर विदेश के 17 और देश के 18 हिंदी सेवियों को विश्व हिंदी सम्मान दिया गया। विद्वानों को अंगवस्त्रम्, शॉल, स्मृतिचिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, राधेश्याम शर्मा और गिरीश उपाध्याय की पुस्तकों का विमोचन गृहमंत्री ने किया।

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