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श्री गुरु अर्जन देव जी - जीवन परिचय

गुरुवार,अप्रैल 25, 2019
Guru Arjan Dev
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गुरु तेग बहादुर सिंह का जीवन समस्त मानवीय सांस्कृतिक विरासत की खातिर बलिदान था। धर्म उनके लिए सांस्कृतिक मूल्यों और ...
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गुरु तेग बहादुर सिंह एक क्रांतिकारी युग पुरुष थे। उनका जन्म वैसाख कृष्ण पंचमी को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। विश्व ...
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भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक गुरु को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यहां तक कि हमारी
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भारत त्योहारों का देश है, यहां कई धर्मों को मानने वाले लोग रहते है और सभी धर्मों के अपने-अपने त्योहार है। बैसाखी पंजाब ...
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बैसाखी के दिन ही सूर्य मेष राशि में संक्रमण करता है अत: इसे मेष संक्रांति भी कहते हैं। यह पर्व पूरी दुनिया को भारत के ...
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गुरु गोविंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरु हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार गुरु गोविंद सिंह का जन्म पौष माह की शुक्ल पक्ष की ...
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सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व है। उनका जन्म पटना साहिब में हुआ था, जहां उनकी याद में एक खूबसूरत ...
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सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी स्वयं एक ऐसे ही महापुरुष थे, जो उस युग की बर्बर शक्तियों का नाश करने के लिए अवतरित ...
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गुरु गोविंद सिंह जी के बारे में लिखना मुश्किल है, क्योंकि साहिब-ए-कलाम बादशाह दरवेश गुरु गोविंद सिंह जैसा न कोई हुआ और ...
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लोहड़ी का संबंध भी पंजाब के गांव, फसल और मौसम से है। पौष की कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए भाईचारे की सांझ और अग्नि का ...
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दुल्ला भट्टी भारत के मध्यकाल का एक वीर था, जो मुगल शासक अकबर के समय में पंजाब में रहता था। उसे 'पंजाब के नायक' की उपाधि ...
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नए साल के खास पर्व में पंजाबी समुदाय का लोहड़ी का त्योहार आ रहा है, जो 13 जनवरी 2019, रविवार को मनाया जाएगा। यह पर्व ...
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गुरु नानक देव की ज्योति गुरु गोविंद सिंह में प्रकाशित हुई, इसलिए इन्हें दसवीं ज्योति भी कहा जाता है। बिहार राज्य की ...
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सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंहजी केवल आदर्शवादी नहीं थे, बल्कि वे एक आध्यात्मिक गुरु थे जिन्होंने मानवता को ...
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भाई घनैया जी गुरु गोविंद सिंह जी के दरबार में सेवा करते थे। भाई घनैया जी बहुत निर्मल स्वभाव के थे और गुरु घर में बहुत ...
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माता गुजरी ने जब गुरु तेग बहादुर जी को लड़ते देखा और बड़ी दिलेरी से उनकी हौसला अफजाई कर अपनी हिम्मत एवं धैर्य का परिचय ...
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गुरु तेग बहादुर साहब का बलिदान न केवल धर्म पालन के लिए, अपितु समस्त मानवीय सांस्कृतिक विरासत की खातिर बलिदान था। धर्म ...
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एक बार गुरु नानक बगदाद गए हुए थे। वहां का शासक बड़ा ही अत्याचारी था। वह जनता को कष्ट तो देता ही था, उनकी संपत्ति लूटकर ...
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गुरु नानक देव जी मध्यप्रदेश में संभवतः महाराष्ट्र के नासिक शहर से होते हुए बुरहानपुर आए थे। बुरहानपुर में वे ताप्ती नदी ...
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