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गुड़ी पड़वा
गुड़ी पड़वा की शुमकामनाएँ
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नव-संवत्सर की शुरुआत
जैसे ईसा (अंग्रेजी), चीन या अरब का कैलेंडर है उसी तरह राजा विक्रमादित्य के काल में भारतीय वैज्ञानिकों ने इन सबसे पहले ही भारतीय कैलेंडर विकसित किया था। इस कैलेंडर की शुरुआत हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से मानी जाती है।
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नव-संवत्सर के दिन क्या करें
घर को ध्वजा, पताका, तोरण, बंदनवार, फूलों आदि से सजाएँ व अगरबत्ती, धूप आदि से सुगंधित करें ...
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चैत्र की शुक्ल प्रतिपदा : गुड़ी पड़वा
चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा कहते हैं। वर्ष के साढ़े तीन मुहूर्तों में ...
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माताजी ऐसे होंगी प्रसन्न
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नया क्षितिज हो मंगलमय
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गणगौर पूजन और व्रत विधि
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नवदुर्गा के रूपों से औषधि उपचार
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श्रीखंड, पूड़ी और गुड़ी का उत्सव
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शुभकृत्त संवत्सर का फल शुभ होगा
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नवीनता में है शुभ मंगल की कामना
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चैत्र नवरात्र में करें कुलदेवी का पूजन
और भी
स्वादिष्ट आम्रखंड
चक्के में शक्कर मिलाएँ। आम को छीलकर-काटकर ज्यूस बनाएँ। चक्का व आम ज्यूस मिक्स कर कपड़े से छानें। रबड़ी मिलाएँ।
पूरन पोळी-आमटी
सर्वप्रथम चने की दाल को कुकर में अच्छी तरह पका लें। पकी हुई दाल को सिलबट्टे या मिक्सर में पीस लें। अब इसमें शक्कर डालकर ...