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जानिए वर्ष 2013 में कब-कब होगी वर्षा

बुधवार,मई 29, 2013
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नवनिर्मित घर में इन दिनांकों को गृहप्रवेश करने से शांति और समृद्धि आती है और जातक और उसका परिवार सुख से इस भवन में दीर्घकाल तक निवास करता है।
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2013 में 17 जनवरी से मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो चुका है। इस वर्ष सौ से अधिक शुभ मुहूर्त हैं। जिनमें विवाह, यज्ञोपवीत, चौलकर्म, गृह आरंभ, वास्तु पूजा जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे।
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करियर की दृष्टि से यह वर्ष आपके लिए कैसा रहेगा आइए देखते हैं। मेष राशि वालों के लिए यह वर्ष करियर के लिहाज से उत्तम साबित होगा। दशम भाव करियर से संबंध रखता है, इस भाव में मंगल लग्न का स्वामी होकर उच्च का है वहीं शनि भी उच्च का है...
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मेष राशि वालों के लिए सेहत की दृष्टि से मिलीजुली स्थिति का वातावरण रहेगा। फिर भी डरने वाली बात नहीं है। खानपान का अवश्य ध्यान रखें।
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मेष राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष बेहद उत्तम रहेगा। धन संचय होने के साथ-साथ नवीन राह खुलने से अर्थिक लाभ के योग बनेंगे।
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लग्न का स्वामी इस बार वृषभ राशि में होकर केतु के साथ षष्ट भाव में होने से वर्तमान सरकार के सामने कठिनाइयों भरा समय रहेगा। लग्न व सुख जो जनता भाव के साथ घरेलू मामलों से संबंधित परेशानियां भी देगा।
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वर्ष 2013 का मूलांक चार है व इसका स्वामी राहु है। राहु अकस्मात घटना-दुर्घटनाओं के योग देता है, वही अकस्मात बदलाव के भी संकेत देता है। जो भी योजनाएं बनेगी वो पूरी तो होगी लेकिन काफी कठिनाइयों के बाद।
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नए साल में क्या कहते हैं आपके रोमांस के सितारे, आइए जानते हैं। वैसे देखा जाए तो प्रेम की भाषा को समझने के लिए राशि से पांचवी राशि पर ध्यान देना होता है। पांचवी राशि में स्थित ग्रह व उस पर अन्य ग्रहों की दृष्टि पर भी विचार करना होता है।
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साल 2013 जितना आपकी व्यक्तिगत जिंदगी की दृष्टि से महत्व रखता है, उतना ही स्वास्थ्य, करियर-कारोबार, परिवार और प्रेम-संबंध पर असर डालने वाला भी होगा। कुछ कार्य अवश्य पूरे होंगे तो कई कार्यों को पूरा करने के लिए...
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सन् 2013 में पांच ग्रहण होंगे किंतु भारत में एक ही ग्रहण खग्रास चंद्रग्रहण होगा। वह भी अंगुल से भी कम होगा।
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28 जनवरी को शुक्र अपनी राशि परिवर्तन कर धनु राशि से मकर राशि में भ्रमण करेगा। शुक्र का मकर राशि में भ्रमण करने पर 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा, जानिए :-
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इस राशि व लग्न वालों का स्वामी गुरु है। गुरु सौम्य होते हैं। ऐसे जातक सुन्दर, स्वस्थ, आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं। ईमानदार होने के साथ कार्य कुशल भी होते हैं। इनकी मित्रता सदैव उत्तम रहती है। गुरु अगर नीच का होगा तो इनमें आस्था का अभाव रहता
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इस राशि व लग्न वालों का स्वामी शनि है। यह स्थिर स्वभाव और उत्तम कदकाठी के होते हैं। परिस्थितिवश इनके कार्यों में देरी संभव है। शनि की उच्च या स्वराशि पर होने से सफलता की सीढ़‍ियां शीघ्र चढ़ते हैं। यदि शनि नीच का या मंगल के साथ हो तो जीवन में अनेक ...
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नए साल 2013 में कैसा रहेगा आपका राशिफल भविष्यफल जानिए वर्ष 2013 का संपूर्ण भविष्यफल, एस्ट्रोलॉजी 2013, राशिफल, हॉरोस्कोप, ज्योतिष 2013 की संपूर्ण जानकारी ज्योतिष 2013 स्पेशल पेज पर। मेष राशि व लग्न वालों का स्वामी शनि है। यह जातक मिली-जुली कदकाठी ...
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धनु राशि व लग्न वालों का स्वामी गुरु है। अग्नि तत्व प्रधान होने से इनमें साहस, महत्वाकांक्षा, ईमानदारी, कार्य के प्रति सजगता, संगठन प्रियता होती है। यह जातक प्रशासनिक क्षेत्र में दक्ष होते हैं। गुरु की स्थिति पर अन्य बातें निर्भर करती हैं।
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वृश्चिक राशि वाले सौम्य प्रकृति के होते हैं। इस राशि का स्वामी मंगल है। जलतत्व की राशि में होने से जातक तुनक मिजाजी, स्पष्टवक्ता, मुंहफट भी होते हैं। मंगल की स्थिति इनके जीवन में विशेष रहती है। जन्म के समय मंगल की स्थितिनुसार फल रहता है।
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इस राशि व लग्न वालों का स्वामी बुध अपनी उच्च राशि में होता है। ऐसे जातक मध्यम कदकाठी के होकर शर्मीले स्वभाव के होते हैं। यह लेखक, क्लर्क, लिखा-पढ़ी से संबंध रखने वाले, सेल्समैन, कमिशन एजेंट भी हो सकते हैं। शेष बुध की स्थिति पर निर्भर है।
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तुला राशि व लग्न वाले जातक इकहरे शरीर के होने के साथ-साथ सुन्दर नाक-नक्श के होते हैं, चाहे रंग सांवला ही क्यों न हो। ऐसे जातक कम बोलने वाले, कलाकार, व्यवस्थित तरीके से रहने वाले होते हैं। शेष शुक्र की स्थिति पर निर्भर करता है।
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इस राशि व लग्न वालों का स्वामी सूर्य है। यह साहसी, महत्वाकांक्षी, प्रभावशील, सर्वगुणसंपन्न होते हैं। यह उत्तम कदकाठी के होते हैं। प्रशासनिक सेवाओं में भी सफल होते हैं। अन्य बातें सूर्य की स्थिति पर निर्भर करती है।
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