फूल सफेद कमल, लाल कमल, केतकी, मालती, नागकेसर, चमेली, चाँदनी एवं गुलमोहर के फूल सपने में देखने वाला निश्चित ही भविष्य में अपार धन-संपत्ति का स्वामी बनता है।
पशु पशुओं का सपने में दिखाई पड़ना भी विशेष रूप से धनागमन का संकेत माना गया है। मस्त हाथी, गाय, अश्व, बैल, बिच्छू, बड़ी मछली, श्वेत सर्प, बंदर कछुआ एवं कस्तूरी मृग जहाँ अचानक विशेष धन प्राप्ति के प्रतीक माने गए हैं।
वहीं मधुमक्खी के विषय में कहा गया है कि सका स्वप्न देखने वाले व्यक्ति का बैंक के खाते में दिन दूना, रात चौगुना धन बढ़ता है। जबकि सपने में चूहे देखने वाले व्यक्ति का बैंक में छोटा-मोटा खाता खुलना तय है।
अनाज सपने में व्यक्ति अनाज के ढेर पर स्वयं को चढ़ता देखे और उसी समय उसकी नींद खुल जाए तो धन लाभ, निश्चित समझे। उसी तरह चावल, मूँग, जौ, सरसों आदि भी धन प्राप्ति का संकेत देते हैं।
पात्र कलश, पानी से भरा घड़ा और बड़े पात्रों को धन आगमन का सुनिश्चित प्रतीक माना गया है। एक सपने के विषय में दुनिया भर के स्वप्नशास्त्री एकमत है। उनके अनुसार मिट्टी का पात्र देखना सर्वश्रेष्ठ होता है। ऐसे व्यक्ति को शीघ्र ही अपार धन संपदा की प्राप्ति होती है। साथ ही भूमि लाभ भी मिलता है।
दैवीय प्रतीक भारतीय स्वप्न विशेषज्ञों के अनुसार सपने में िपतृ अथवा दिवंगत पूर्वजों का दर्शन एवं उनके आशीर्वाद विशेष सफलतादायक है। मंदिर, शंख, गुरु, शिवलिंग, दीपक, घंटी, द्वार, राजा, रथ, पालकी, उजला आकाश एवं पूनम का चंद्र आदि भी विशेष समृद्धिदायक एवं भाग्योदय का प्रतीक माने गए हैं।
उपरोक्त समस्त संकेत हैं धनागमन के, किंतु कर्म, प्रयास और परिश्रम न किए जाएँ तो सपने फिर सपने होते हैं। सपने कब अपने होते हैं।
इन संकेतों से प्रेरणा लेकर अपने कार्यों की रूपरेखा तैयार करना तो ठीक है किंतु उनके भरोसे बस हाथ पर हाथ धरे सपना साकार होने का इंतजार करना नादानी है।
बकौल शायर सपना झरना नींद का जागी आँखें प्यास पाना, खोना, खोजना साँसों का इतिहास
सच तो यह है कि सुरमई अँखियों में सजा नन्हा-मुन्ना सपना अपना हो तो जाएगा लेकिन इसके लिए थोड़ा 'तपना' पड़ेगा। इस 'तपने' में ही सपने का 'असली अर्थ' छिपा है।
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