22वां रोजा : पाकीज़गी और परहेज़गारी का दिन...

ramjaan-1-630


प्रस्तुति : अज़हर हाशमी

हर मज़हब की इबादत का अपना ढंग होता है। इसके अलावा हर मज़हब में ऐसी कोई न कोई रात या कुछ ख़ास बातें इबादत के लिए मख़्सूस (विशिष्ट) होती हैं जिनकी अपनी अहमियत होती है। मिसाल के तौर पर सनातन धर्म (मज़हब) में भगवती जागरण/ नवरात्र जागरण/ जैन धर्म में ख़ास यानी विशिष्ट तप-आराधना (इबादत), सिख धर्म में एक ओंकार सतनाम का जाप, ईसाई मज़हब में भी स्पिरिचुअल नाइट्स फॉर स्पिरिचुअल अवेकनिंग एंड अवेयरनेस के अपने लम्हात होते हैं जो हॉली फास्टिंग या पायस मोमेन्ट्स से जुड़े रहते हैं।

इस्लाम मज़हब की इबादत की नींव एकेश्वरवाद (ला इलाहा इल्ललाह) पर मुश्तमिल (आधारित) है। हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) अल्लाह के रसूल यानी संदेशवाहक (मोहम्मदुर्रसूलल्लाह) है।

ये यक़ीन और तस्दीक़ यानी अल्लाह और उसके रसूल (संदेशवाहक) को स्वीकारना जरूरी है। इसको यों कह सकते हैं कि अल्लाह पर ईमान लाना और रसूलल्लाह के अहकामात मानना (ये अहकामात ही दरअसल अहकामे-शरीअत है) ही इस्लाम मज़हब की बुनियाद है।

माहे रमज़ान को मज़हबे-इस्लाम में ख़ास मुक़ाम हासिल है। पाकीज़गी (पवित्रता) और परहेज़गारी की पाबंदी के साथ रखा गया रोज़ा रोज़ेदार को इबादत की अलग ही लज़्ज़त देता है।

दरअसल दोज़ख़ की आग से निजात का यह अशरा (जिसमें रात में की गई इबादत की खास अहमियत है) इक्कीसवीं रात (जब बीसवां रोज़ा लिया जाता है) से ही शुरू हो जाता है। वैसे इस अशरे में जैसा कि पहले कहा जा चुका है दस रातें-दस दिन होते हैं, मगर उन्तीसवें रोज़े वाली शाम को ही चांद नजर आ जाए तो नौ रातें-नौ दिन होते हैं।

इस अशरे में इक्कीसवीं रात जिसे ताक़ (विषम) रात कहते हैं नमाज़ी (आराधक) एतेक़ाफ़ (मस्जिद में रहकर विशेष आराधना) करता है। मोहल्ले में एक शख्स भी एतेक़ाफ करता है तो "किफ़ाया" की वजह से पूरे मोहल्ले का हो जाता है। दरअसल अल्लाह को पुकारने का तरीक़ा और आख़िरत को सँवारने का सलीक़ा है रमजान।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

दरिद्रता से चाहिए जल्दी छुटकारा तो राशि अनुसार करें यह खास ...

दरिद्रता से चाहिए जल्दी छुटकारा तो राशि अनुसार करें यह खास उपाय
यह उपाय 12 राशियों के अनुसार बताए गए हैं। यह उपाय अगर अपने ईष्ट का स्मरण कर भक्ति भाव से ...

आपने नहीं पढ़ा होगा प्राचीन ईरान के पारसी धर्म के संस्थापक ...

आपने नहीं पढ़ा होगा प्राचीन ईरान के पारसी धर्म के संस्थापक जरथुस्त्र से जुड़ा यह प्रसंग
ईरान के प्राचीन धर्म के संस्थापक जरथुस्त्र से जुड़ा एक प्रसंग है। इस प्रसंग के अनुसार ...

वे लोग जिन्होंने शिर्डी के सांईं बाबा को देखा- भाग- 1

वे लोग जिन्होंने शिर्डी के सांईं बाबा को देखा- भाग- 1
श्री सांईं बाबा जब शिर्डी में अपनी लीला कर रहे थे तब उनके साथ कई लोग थे। उनमें से कुछ ...

मोक्ष सप्तमी : जैन समुदाय मनाएगा भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष ...

मोक्ष सप्तमी : जैन समुदाय मनाएगा भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस
श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया ...

कुंडली में लग्न का मतलब जानते हैं आप ! जानिए कितना ...

कुंडली में लग्न का मतलब जानते हैं आप ! जानिए कितना महत्वपूर्ण है यह?
जब भी आप ज्योतिष की बात करते हैं या किसी ज्योतिष के पास जाते हैं, आपको एक शब्द जरूर सुनने ...

ईद-उल-अजहा की कुर्बानी को लेकर शरीयत में दी गई है ये सलाह

ईद-उल-अजहा की कुर्बानी को लेकर शरीयत में दी गई है ये सलाह
मुसलमानों के लिए अल्लाह ने खुशी मनाने के लिए साल में मुकर्रर दो ईद में से एक ईदुल-अजहा

20 से 26 अगस्त : साप्ताहिक राशिफल

20 से 26 अगस्त : साप्ताहिक राशिफल
आप जिसको पसंद करते हैं उसी की तरफ से पहल किए जाने की संभावना है। कैंडल लाइट डिनर की ...

रक्षाबंधन पर कैसे हो सकता है पंचक दोष निवारण, जानें उपाय

रक्षाबंधन पर कैसे हो सकता है पंचक दोष निवारण, जानें उपाय ...
इस बार रक्षाबंधन का पर्व प्रतिवर्षानुसार श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि दिनांक 26 ...

कुंडली में शनि दे रहा है अशुभ फल, तो ये उपाय करेंगे आपकी ...

कुंडली में शनि दे रहा है अशुभ फल, तो ये उपाय करेंगे आपकी मदद...
नवग्रहों में शनि का महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। शनि को आयु, कर्म, वैराग्य, नौकरी एवं ...

शिव और कृष्ण का जीवाणु युद्ध, वर्णन जानकर चौंक जाएंगे

शिव और कृष्ण का जीवाणु युद्ध, वर्णन जानकर चौंक जाएंगे
पौराणिक कथाओं के अनुसार बाणासुर नामक दैत्य के कारण भगवान श्रीकृष्ण और शिवजी का प्रलयंकारी ...

राशिफल