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Aziz
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जाने वाले चले गए तन्हा
ग़म की बारात ले गए होते,------------------------------------------------------------ जाने वाले चले गए तन्हा,----------------------------------------------------------- मुझको भी साथ ले गए होते - अज़ीज़ अंसारी
ग़ालिब
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ग़ालिब का ख़त-41
पाँच लश्कर का हमला पै दर पै इस शहर पर हुआ। पहला बाग़ियों का लश्कर, उसमें पहले शहर का एतबार लुटा। दूसरा लश्कर ख़ाकियों का, उसमें जान-ओ-माल-नामूस व मकान व मकीन ...
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रोमांस
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प्यार को कभी भूलना भी जरूरी
सच्चे अपनेपन से बड़ा अहसास और कोई नहीं होता। आप दुनिया के किसी कोने में हों, यदि आपको यह भरोसा हो कि कोई आपकी सलामती की दुआ करता है, आपके इंतजार में है और आपसे मिलने को बेचैन है तो आप अकेले होकर भी अकेले नहीं होते। आप अपने अंदर सुकून महसूस करते हैं और दिल लगाकर अपना काम पूरा करने में लग जाते हैं ताकि अपने साथी से जब मिलें तो ...
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