मातृ दिवस
मातृ दिवस विशेष ND
माँ, समूची धरती पर बस यही एक रिश्ता है जिसमें कोई छल कपट नहीं होता। कोई स्वार्थ, कोई प्रदूषण नहीं होता। इस एक रिश्ते में निहित है अनंत गहराई लिए छल छलाता ममता का सागर। शीतल, मीठी...
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उस रात मैंने हर देवी-देवता को याद किया था। दिल से रोते हुए मेरी एक...
बचपन में लोरियाँ सुनाती माँ, हर आहट पर जाग जाती माँ। आज गुनगुनाती...
माँ तुझे प्रणाम...
आँचल इसका खुशियों की फुलवारी
स्मृतियों के झरोखे में मेरी माँ
तुझे सब है पता मेरी माँ...
माँ की पीड़ा कौन सुनेगा
'माँ' सिर्फ आपको अर्पण
बच्चों पर प्यार उड़ेलती है माँ
माँ तो बस माँ होती है
 
और भी
प्रकृति का हरेक प्राणी जन्म लेते ही जिस रिश्ते से प्रथम परिचित होता है, वह है माँ-बच्चे का रिश्ता... माँ और बच्चे का संबंध वास्तव में...
बड़ी अनुपम (सुखमय) अनुभूति होती है जब हम अपनी माँ को महत्व देते हैं, लेकिन क्या माँ को याद करने के लिए सिर्फ 'एक ही दिन' पर्याप्त हैं...