शनिदेव की असीम कृपा चाहिए तो अवश्य पढ़ें पावन शनि चालीसा...




सूर्यपुत्र भगवान की पूजा-अर्चना करने से जीवन की समस्त कठिनाइयां दूर होती है। शनि साढ़ेसाती, ढैया अथवा शनि महादशा के दौरान शनि चालीसा, दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए।

शिव पुराण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ ने भी शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 'शनि चालीसा' का पाठ किया था। अत: आप भी जीवन में परेशानियों से गुजर रहे है तो शनि चालीसा का पाठ आपके लिए बहुत ही लाभदायी साबित होगा। आइए यहां पढ़ें भगवान शनिदेव को प्रसन्न करने वाला पावन शनि चालीसा...

दोहा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल।
दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥
जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज।
करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥
जयति जयति शनिदेव दयाला।
करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥
चारि भुजा, तनु श्याम विराजै।
माथे रतन मुकुट छबि छाजै॥
परम विशाल मनोहर भाला।
टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला॥
कुण्डल श्रवण चमाचम चमके।
हिय माल मुक्तन मणि दमके॥
कर में गदा त्रिशूल कुठारा।
पल बिच करैं अरिहिं संहारा॥
पिंगल, कृष्णो, छाया नन्दन।
यम, कोणस्थ, रौद्र, दुखभंजन॥
सौरी, मन्द, शनी, दश नामा।
भानु पुत्र पूजहिं सब कामा॥
जा पर प्रभु प्रसन्न ह्वैं जाहीं।
रंकहुँ राव करैं क्षण माहीं॥
पर्वतहू तृण होई निहारत।
तृणहू को पर्वत करि डारत॥
राज मिलत बन रामहिं दीन्हयो।
कैकेइहुँ की मति हरि लीन्हयो॥
बनहूँ में मृग कपट दिखाई।
मातु जानकी गई चुराई॥
लखनहिं शक्ति विकल करिडारा।
मचिगा दल में हाहाकारा॥
रावण की गति-मति बौराई।
रामचन्द्र सों बैर बढ़ाई॥
दियो कीट करि कंचन लंका।
बजि बजरंग बीर की डंका॥
नृप विक्रम पर तुहि पगु धारा।
चित्र मयूर निगलि गै हारा॥
हार नौलखा लाग्यो चोरी।
हाथ पैर डरवायो तोरी॥
भारी दशा निकृष्ट दिखायो।
तेलिहिं घर कोल्हू चलवायो॥
विनय राग दीपक महं कीन्हयों।
तब प्रसन्न प्रभु ह्वै सुख दीन्हयों॥
हरिश्चन्द्र नृप नारि बिकानी।
आपहुं भरे डोम घर पानी॥
तैसे नल पर दशा सिरानी।
भूंजी-मीन कूद गई पानी॥
श्री शंकरहिं गह्यो जब जाई।
पारवती को सती कराई॥
तनिक विलोकत ही करि रीसा।
नभ उड़ि गयो गौरिसुत सीसा॥
पाण्डव पर भै दशा तुम्हारी।
बची द्रौपदी होति उघारी॥
कौरव के भी गति मति मारयो।
युद्ध महाभारत करि डारयो॥
रवि कहँ मुख महँ धरि तत्काला।
लेकर कूदि परयो पाताला॥
शेष देव-लखि विनती लाई।
रवि को मुख ते दियो छुड़ाई॥
वाहन प्रभु के सात सुजाना।
जग दिग्गज गर्दभ मृग स्वाना॥
जम्बुक सिंह आदि नख धारी।
सो फल ज्योतिष कहत पुकारी॥
गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं।
हय ते सुख सम्पति उपजावैं॥
गर्दभ हानि करै बहु काजा।
सिंह सिद्धकर राज समाजा॥
जम्बुक बुद्धि नष्ट कर डारै।
मृग दे कष्ट प्राण संहारै॥
जब आवहिं प्रभु स्वान सवारी।
चोरी आदि होय डर भारी॥
तैसहि चारि चरण यह नामा।
स्वर्ण लौह चाँदी अरु तामा॥
लौह चरण पर जब प्रभु आवैं।
धन जन सम्पत्ति नष्ट करावैं॥
समता ताम्र रजत शुभकारी।
स्वर्ण सर्व सर्व सुख मंगल भारी॥
जो यह शनि चरित्र नित गावै।
कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै॥
अद्भुत नाथ दिखावैं लीला।
करैं शत्रु के नशि बलि ढीला॥
जो पण्डित सुयोग्य बुलवाई।
विधिवत शनि ग्रह शांति कराई॥
पीपल जल शनि दिवस चढ़ावत।
दीप दान दै बहु सुख पावत॥
कहत राम सुन्दर प्रभु दासा।
शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा॥
दोहा

पाठ शनिश्चर देव को, की हों 'भक्त' तैयार।
करत पाठ चालीस दिन, हो भवसागर पार॥



Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

राशिफल

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, ...

क्या सच में ग्रहों की चाल प्रभावित करती है हमारे जीवन को, जानिए कैसे
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड 360 अंशों में विभाजित है। इसमें 12 राशियों में से प्रत्येक राशि के 30 ...

सूर्य वृषभ राशि में, किन 5 राशियों को मिलेगा अधिक लाभ... ...

सूर्य वृषभ राशि में, किन 5 राशियों को मिलेगा अधिक लाभ... (जानें 12 राशियां)
15 मई को सूर्यदेव अपनी राशि परिवर्तन कर वृषभ में विराजे हैं। अब आने वाले 1 माह यानी 15 ...

बुध का वृषभ राशि में आगमन, क्या होगा आपकी राशि पर असर

बुध का वृषभ राशि में आगमन, क्या होगा आपकी राशि पर असर
27 मई से बुध वृषभ राशि, भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जिसके परिणाम स्वरूप आपकी राशि पर ...

बहुत खास है बुधादित्य योग, 27 मई से मिलेगा 12 राशियों को ...

बहुत खास है बुधादित्य योग, 27 मई से मिलेगा 12 राशियों को शुभाशुभ फल
27 मई को बुध अपनी राशि परिवर्तन कर वृष राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं कि किन-किन ...

आपके लिए जानना जरूरी है पुरुषोत्तम मास की ये 8 खास विशेष ...

आपके लिए जानना जरूरी है पुरुषोत्तम मास की ये 8 खास विशेष बातें...
ज्योतिष गणित में सूक्ष्म विवेचन के बाद अब स्वीकारा जा चुका है कि- जिस चंद्रमास में सूर्य ...

ऐसे घर में हो जाता है गृहस्वामी का नाश या आकस्मिक मौत

ऐसे घर में हो जाता है गृहस्वामी का नाश या आकस्मिक मौत
तो निश्चित ही उस घर के गृहस्वामी पर संकट बना रहता है, उसका नाश हो सकता है या आकस्मिक मौत ...

कैसे होते हैं रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक, किस व्यवसाय ...

कैसे होते हैं रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक, किस व्यवसाय में मिलेगी सफलता... (जानें लग्नानुसार)
रोहिणी नक्षत्र आकाश मंडल में चौथा नक्षत्र है। राशि स्वामी जहां शुक्र है, वहीं नक्षत्र ...

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्यों किया जाता है वट वृक्ष का पूजन, ...

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्यों किया जाता है वट वृक्ष का पूजन, जानें पौराणिक महत्व...
भारत के पूज्यनीय वृक्षों में वट यानी बरगद का महत्वपूर्ण स्थान है। इसे अमरता का प्रतीक भी ...

29 मई को ज्येष्ठ पूर्णिमा, सुहागिनें वट वृक्ष की पूजा करके ...

29 मई को ज्येष्ठ पूर्णिमा, सुहागिनें वट वृक्ष की पूजा करके लेंगी आशीष...
इस बार 29 मई 2018, मंगलवार को अधिक मास की पूर्णिमा आ रही है। अत: सोमवार, 28 मई से शाम ...

जानिए रोहिणी नक्ष‍त्र का स्वरूप, कथा और खास बातें...

जानिए रोहिणी नक्ष‍त्र का स्वरूप, कथा और खास बातें...
रोहिणी जातक सुंदर, शुभ्र, पति प्रेम, संपादन करने वाले, तेजस्वी, संवेदनशील, संवेदनाओं से ...