कब व कैसे होता है अधिक मास, जानिए विशेष जानकारी...

Adhik-maas
 
 
क्या होता है 'अधिक मास'- 
 
विरोधकृत नामक नवसंवत्सर 2075 प्रारंभ हो चुका है। इस नवीन संवत्सर में 'अधिक मास' रहेगा। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है जब हिन्दी कैलेण्डर में पंचांग की गणनानुसार 1 मास अधिक होता है तब उसे 'अधिक मास' कहा जाता है। 
 
हिन्दू शास्त्रों में 'अधिक मास' को बड़ा ही पवित्र माना गया है, इसलिए 'अधिक मास' को 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है। 'पुरुषोत्तम मास' अर्थात् भगवान पुरुषोत्तम का मास। शास्त्रों के अनुसार 'अधिकमास' में व्रत पारायण करना, पवित्र नदियों में स्नान करना एवं तीर्थ स्थानों की यात्रा का बहुत पुण्यप्रद होती है। 
 
आइए जानते हैं कि 'अधिक मास' कब व कैसे होता है?
 
पंचांग गणना के अनुसार एक सौर वर्ष में 365 दिन, 15 घटी, 31 पल व 30 विपल होते हैं जबकि चन्द्र वर्ष में 354 दिन, 22 घटी, 1 पल व 23 विपल होते हैं। सूर्य व चन्द्र दोनों वर्षों में 10 दिन, 53 घटी, 30 पल एवं 7 विपल का अंतर प्रत्येक वर्ष में रहता है। इसी अंतर को समायोजित करने हेतु 'अधिक मास' की व्यवस्था होती है। 
 
'अधिक मास' प्रत्येक तीसरे वर्ष होता है। 'अधिक मास' फाल्गुन से कार्तिक मास के मध्य होता है। जिस वर्ष 'अधिक मास' होता है उस वर्ष में 12 के स्थान पर 13 महीने होते हैं। 'अधिक मास' के माह का निर्णय सूर्य संक्रान्ति के आधार पर किया जाता है। जिस माह सूर्य संक्रान्ति नहीं होती वह मास 'अधिक मास' कहलाता है।
 
वर्ष 2018 में है 'अधिक मास'-
 
वर्ष 2018 में 'अधिक मास' 16 मई से 13 जून के मध्य रहेगा। इस वर्ष ज्येष्ठ मास की अधिकता रहेगी अर्थात् इस वर्ष दो ज्येष्ठ मास होंगे। 'अधिक मास' की मान्यता 16 मई से 13 जून होगी।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com  
 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

और भी पढ़ें :

राशिफल

जन्मपत्रिका क्या है? और कैसे बताती यह आापका अतीत, वर्तमान ...

जन्मपत्रिका क्या है? और कैसे बताती यह आापका अतीत, वर्तमान और भविष्य...
शायद कभी आपके मन में यह सवाल भी आया हो कि आखिर क्या है ये जन्म पत्रिका जिसे जन्म कुंडली ...

सावन मास में पूरे समय जपते रहें यह छोटे-छोटे मंत्र, मिलेगा ...

सावन मास में पूरे समय जपते रहें यह छोटे-छोटे मंत्र, मिलेगा शिव पूजन का सारा पुण्य
अगर आप पूरे श्रावण मास में विधिवत पूजन का समय नहीं निकाल पा रहे हैं तो हम आपके लिए लाए ...

1 करोड़ कन्यादान के बराबर है 1 बिल्वपत्र को चढ़ाने का ...

1 करोड़ कन्यादान के बराबर है 1 बिल्वपत्र को चढ़ाने का पुण्य, जानिए कुछ और भी जरूरी बातें
बिल्वपत्र भोले-भंडारी को चढ़ाना एवं 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान का फल एक समान है।

जानिए कैसा है सूर्य का स्वभाव, क्या पड़ता है आप पर इसका ...

जानिए कैसा है सूर्य का स्वभाव, क्या पड़ता है आप पर इसका प्रभाव
ज्योतिष में जन्मपत्रिका, बारह राशियों एवं नौ ग्रहों का विशेष महत्व है. .. ये नौ ग्रह ...

13 से 19 अगस्त 2018 : साप्ताहिक राशिफल

13 से 19 अगस्त 2018 : साप्ताहिक राशिफल
अपने बड़ों के सपनों को पूरा करने के लिए तत्पर है। किसी कारणवश आप खुद को राह से भटका हुआ ...

नागपंचमी पर ऐसे करें नागपूजन और विसर्जन, पढ़ें विशेष ...

नागपंचमी पर ऐसे करें नागपूजन और विसर्जन, पढ़ें विशेष प्रार्थना और मंत्र...
नागपंचमी के दिन प्रात:काल स्नान करने के उपरान्त शुद्ध होकर यथाशक्ति (स्वर्ण, रजत, ताम्र) ...

17 अगस्त को हो रहा है सूर्य का राशि परिवर्तन, जानिए किन ...

17 अगस्त को हो रहा है सूर्य का राशि परिवर्तन, जानिए किन राशि‍यों की बदलने वाली है किस्मत ...
सूर्यदेव नवग्रहों के राजा हैं। सिंह राशि के स्वामी हैं। अग्नितत्व प्रधान ग्रह हैं। कुंडली ...

15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से हो सकती है ये घोषणाएं, ...

15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से हो सकती है ये घोषणाएं, जानें क्या कहता है ज्योतिष
देश के लिए 15 अगस्त, बुधवार के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले की प्राचीर से कई ...

जानिए श्रावण में क्यों आती है नागपंचमी, और क्यों चढ़ाते हैं ...

जानिए श्रावण में क्यों आती है नागपंचमी, और क्यों चढ़ाते हैं नाग देवता को दूध?
नाग पंचमी का पवित्र त्योहार 15 अगस्त 2018 को मनाया जाएगा। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की ...

आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा सूर्य का स्वराशि सिंह में ...

आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा सूर्य का स्वराशि सिंह में प्रवेश (पढ़ें 12 राशियां)
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा गया है। सूर्य मनुष्यों की जीवनी शक्ति ...