शनि अमावस्या पर शनिदेव को प्रसन्न करने के 5 अचूक उपाय...


 
 
शनिवार, 24 जून 2017 को अमावस्या है। अमावस्या के दिन भगवान शनि का दिन पड़ रहा है, इसी वजह से इसे शनिचरी अमावस्या कहा जाता है। अमावस्या के दिन अगर शनिवार आ जाए तो इसका काफी महत्व बढ़ जाता है। शनि पूजा के लिए विशेष समय रात्रि या गोधूलि अर्थात शाम का समय होता है। 
शनि की अनुकूलता से व्यक्ति को चल रही साढ़े साती, ढैय्या और कुंडली में मौजूद कमजोर शनि का प्रभाव समाप्त होता है। कार्यों में आ रही बाधाएं खत्म होती हैं। व्यापारियों को तरक्की, नौकरीपेशा को पदोन्नति मिलती है।> > दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियां समाप्त होती हैं। जो लोग रोगों से ग्रस्त रहते हैं या जिन लोगों की बार-बार वाहन दुर्घटना हो रही हो, उन्हें शनि की शांति के लिए पूजा करनी चाहिए। इससे राहत मिलती है।   
 
आगे पढ़ें शनिदेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय... 

 
 

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine

और भी पढ़ें :