भारत-पाक के 15 बड़े आतंकवादी हमले

Last Updated: बुधवार, 20 जनवरी 2016 (12:53 IST)
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मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है और इसका इतिहास भी काफी पुराना है। आतंकवाद का यह खौफनाक चेहरा सैंकड़ों वर्ष से दुनिया को डरा रहा है। जहां तक पाकिस्तान का सवाल है तो 1990 के दसक से ही इसने दुनियाभर के आतंकवादियों के लिए पाकिस्तान एक सुरक्षित पनाह बना हुआ है, लेकिन अब यह आतंक पाकिस्तान के लिए भस्मासुर बन चुका है। आओ जानते हैं भारत और पाक के 10 बड़े आतंकवादी हमले के बारे में।
1.भारतीय संसद पर हमला : कहते हैं कुछ तारीखें अपने साथ इतिहास लेकर आती हैं। 13 दिसंबर 2001 की तारीख भी इतिहास में दर्ज हो जाने के लिए आई। भारतीय संसद भवन पर सुबह ग्यारह बजकर पचीस मिनट पर हैंड ग्रेनेड और एके-47 बंदूकों से लैस पांच अज्ञात चरमपंथियों ने हमला बोल दिया। लगभग आधे घंटे तक चली इसी गोलीबारी में सभी पांच हमलावर मारे गए. दिल्ली पुलिस के छह जवान भी इस घटना में मारे गए थे। गोलीबारी में कम से कम 30 लोग घायल हुए थे।
 
2.मुंबई की ट्रेनों में बम विस्फोट : ग्यारह जुलाई, 2006 को मुंबई में सात सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए थे। मुंबई उपनगरीय ट्रेनों में हुए इन विस्फोटों में 209 लोगों की मौत हो गई थी और 714 अन्य घायल हुए थे। इन बमों को और अधिक घातक बनाने के लिए प्रेशर कुकरों रखा गया था और इन्हें प्रथम श्रेणी के डिब्बों में लगाया गया था। यह बम दोपहर के दौरान काम पर जाने वालों की भीड़ होने पर फटे। इन बम विस्फोटों को लश्कर ए तैयबा और स्टूडेंट्‍स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) ने किया था और दावा किया गया था कि गुजरात और कश्मीर में मुस्लिमों पर होने वाले कथित अत्याचारों का बदला लिया गया है।
 
3.कराची पर बम हमला : कराची पर बमों से हमला 18 अक्टूबर, 2007 को किया गया था। उस दिन पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो, दुबई और लंदन में अपने आठ वर्षीय आत्म निर्वासन को समाप्त कर स्वदेश लौटी थीं। ये विस्फोट एक मोटर काफिले पर किए गए थे जो कि एयरपोर्ट से मोहम्मद अली जिन्ना की मजार पर जा रहा था। इन बम विस्फोटों का असर पुलिस की तीन वैन पर हुआ जिसमें 20 पुलिसकर्मी मौके पर ही मारे गए थे। इनके अलावा, 139 लोगों की भी मौत हुई थी। इन लोगों में से ज्यादातर पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के कार्यकर्ता थे।
 
4.पेशावर आर्मी स्कूल पर हमला : 16 दिसंबर 2014 को आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने पाकिस्तान के पेशावर में एक आर्मी स्कूल में घुसकर गोलीबारी की। इसमें 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। हमले के समय स्कूल 1500 के लगभग बच्चे मौजूद थे। छह आतंकवादी सुरक्षाबलों की वर्दी में घुसे थे। आतंकियों ने स्कूल में घुसने से पहले बाहर खड़ी गाड़ि‍यों को अपना निशाना बनाया, जबकि फायरिंग और धमाकों के कारण स्कूल की इमारत को भी भारी नुकसान हुआ।
 
5.गुरदासपुर हमला : पाकिस्तान की सीमा से महज 10-20 किलोमीटर दूर पंजाब के गुरदासपुर में 27 जुलाई 2015 को बड़ा आतंकी हमला हुआ। हमले में गुरदासपुर के SP डिटेक्टि‍व बलजीत सिंह सहित 4 जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तान से आए आतंकियों ने सबसे पहले जम्मू जा रही बस को निशाना बनाया और फिर दीनानगर पुलिस थाने में घुस गए। वहां उन्होंने अंधाधुन फायरिंग की। 11 घंटे चली लड़ाई में कुल सात लोगों की जान चली गई और 3 आतंकवादी मारे गए।
 
6.पठानकोट हमला : 2 जनवरी को 2015 को पठानकोट एयरबेस पर 7 पाकिस्तानी आतंकवादियों हमला कर कई लोगों को घायल कर दिया जिसमें 7 जवान शहीद हो गए। पठानकोट हमले के हैंडलर पाकिस्तान में मौजूद हैं, इस बात के पुख्ता सबूत भारत के पास हैं। उम्मीद की जा रही है कि भारत पाकिस्तान से दो टूक बात करने वाला है। जैश पर 72 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग की जाएगी। बातचीत पर की फैसला पाकिस्तान के रुख के बाद ही लिया जाएगा।

7.पाकिस्तान के क्वेटा में हमला : 13 जनवरी 2016 में पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम शहर क्वेटा में पोलियो के एक टीकारण केंद्र के बाहर बम विस्फोट हुआ जिसमें 15 लोगों की मौत हो गए और 10 से अधिक घायल हो गए। मरने वाले ज्यादातर लोग सुरक्षा अधिकारी थे। मरने वालों में 12 पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल का एक जवान और दो असैनिक थे।
 
8.पेशावर एयरपोर्ट पर हमला : सितंबर 2015 में पाकिस्तान के पेशावर में भारी हथियारों से लैस तालिबान आतंकवादियों ने वायुसेना के एक अड्डे और इसके अंदर बनी एक मस्जिद पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 17 लोग मारे गए। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 13 आतंकवादी भी ढेर हो गए।
 
9.कराची एयरपोर्ट पर हमला : जून 2014 में पाकिस्तान के सिंध प्रांत की राजधानी कराची के एयरपोर्ट पर हए हमले में 10 आतंकवादी सहित 29 लोग मारे गए।, पाक तालिबान ने ली जिम्मेदारी। 

10. अक्षरधाम हमला : 24 सितंबर 2002 अक्षरधाम मंदिर पर हमला हुए। लश्कर और जैश ए मोहम्मद के 2 आतंकी मुर्तजा हाफिज यासिन और अशरफ अली मोहम्मद फारुख दोपहर 3 बजे अक्षरधाम मंदिर में घुस गए। ऑटोमैटिक हथियारों और हैंड ग्रेनेड से उन्होंने वहां मौजूद लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। इसमें 31 लोग मारे गए जबकि 80 लोग घायल हो गए थे।
 
11. 29 अक्टूबर 2005 दिल्ली सीरियल बम ब्लास्ट: दीवाली से 2 दिन पहले आतंकियों ने 3 बम धमाके किए। 2 धमाके सरोजनी नगर और पहाड़गंज जैसे मुख्य बाजारों में हुए। तीसरा धमाका गोविंदपुरी में एक बस में हुआ। इसमें कुल 63 लोग मारे गए जबकि 210 लोग घायल हुए थे।
 
12. 13 मई 2008 जयपुर ब्लास्ट: 15 मिनट के अंदर 9 बम धमाकों से पिंक सिटी लाल हो गई थी। इन धमाकों में कुल 63 लोग मारे गए थे जबकि 210 लोग घायल हुए थे।
 
13. 30 अक्टूबर 2008 असम में धमाके: राजधानी गुवाहाटी के विभिन्न जगहों पर कुल 18 धमाके आतंकियों ने किए। इन धमाकों में कुल 81 लोग मारे गए जबकि 470 लोग घायल हुए।
 
14. 4 फरवरी 1998 कोयम्बटूर धमाका: इस्लामिक ग्रुप अल उम्माह ने कोयम्बटूर में 11 अलग-अलग जगहों पर 12 बम धमाके किए। इसमें 200 लोग घायल हुए जबकि 60 लोग मारे गए।
 
15. 1 अक्टूबर 2001 जम्मू कश्मीर विधानसभा भवन पर हमला: जैश ए मोहम्मद ने 3 आत्मघाती हमलावरों और कार बम की सहायता से भवन पर हमला किया। इसमें 38 लोग मारे गए।

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